ग्राम पंचायत क्षेत्र में ठोस अपशिष्टों या कूड़ा-करकट फैलाना प्रतिषेध होगा

ग्राम पंचायत क्षेत्र में ठोस अपशिष्टों या कूड़ा-करकट फैलाना प्रतिषेध होगा
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 की क्रियांविति राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में हुई शुरू
अजमेर (ARK News)। ग्रामीण क्षेत्रों में अब ठोस अपशिष्टों या कूड़ा-करकट फैलाना प्रतिशेध होगा। इस बाबत् अब ग्राम पंचायतें भी शहरों की नगरपालिकाओं व परिषद् की तरह ग्राम पंचायत में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करेगी तथा ग्राम पंचायतों द्वारा स्वच्छ करने के पश्चात् किसी प्रकार की गंदगी कूड़ा-करकट फैलाया जाता है तो बकायदा इस बाबत् ग्राम पंचायतें केरिंग चार्ज वसूल करेगी। ठोस अपशिष्ट या कूड़ा-करकट फैलानों को लेकर पर्यावरण सुरक्षा अधिनियम 1986 के अन्तर्गत विरचित ठोस अपशिष्ट प्रबन्ध नियम, 2016 के नियम 15 के खण्ड (यच) (जेडएफ) एवं (यछ)(जेडजी) के उपखण्ड (द्ब3) संपठित राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा-103 की उप-धारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रदेश की सभी जिला परिषदों के क्षेत्राधिकार के समस्त ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन कार्य को विनियमित करने के प्रयोजनार्थ, जनहित में उपविधियाँ बनाई गई है।
इस बाबत् माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली में लम्बित Original Application No. 606/2018 में पारित आदेश दिनांक 16.1.2018 की पालना में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 की क्रियांविति राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों द्वारा की जानी है। इन नियमों की क्रियांविति हेतु ग्राम पंचायतों के लिए उपविधियाँ (क्च4द्ग-द्यड्ड2ह्य) अधिसूचित किये जाने होंगे। इस बाबत् नियत समयावधि में पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
1. जिला परिषद् कार्यालय एवं जिले की समस्त ग्राम पंचायत कार्यालयों के नोटिस बोर्ड एवं अन्य कम से कम दो सार्वजनिक स्थलों पर 30 दिवस के सार्वजनिक नोटिस के साथ दिनांक 04.06.2019 तक प्रदर्शित कर, आमजन से इस प्रारूप पर आक्षेप एवं सुझाव आमंत्रित किये जायें।
2. जि़ला परिषद की साधारण सभा की विशेष बैठक दिनांक 05.07.2019 को आयोजित कर, उक्त नोटिस के क्रम में प्राप्त समस्त आक्षेपों पर विचार किया जावे। प्राप्त आक्षेपों/सुझावों के अनुसार यदि कोई संशोधन किया जाना अपेक्षित हो तो तद्नुसार संशोधन किया जाकर उपविधियाँ(Bye-laws) के प्रारूप को इस बैठक में अनुमोदित/पारित किया जाये। संशोधन अपेक्षित नहीं हों तो प्राप्त आक्षेपों/सुझावों को खारिज करते हुए उपविधियाँ (Bye-laws) के प्रारूप को इसी रूप में अनुमोदित/पारित किये जाने का प्रस्ताव लिया जाये।
3. जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में पारित उक्त प्रस्ताव के अनुसार उपविधियाँ (Bye-laws) की अधिसूचना मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद के हस्ताक्षरों से जारी कर, इस अधिसूचना का प्रकाशन दिनांक 08.07.2019 को राजकयी राजपत्र में करवाया जाये।
ठोस कचरा प्रबन्धन को लेकर प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में भण्डारण की व्यवस्था भी होगी।
(अ) निर्दिष्ट क्षेत्र में अपशिष्ट उत्पादन की मात्रा और जनसंख्या के घनत्व को ध्यान में रखते हुए भण्डारण सुविधाओं का सृजन और स्थापना की जायेगी परन्तु प्रत्येक ग्राम में न्यूनतम एक भण्डारण सुविधा होगी। ऐसी भण्डारण सुविधाओं में न्यूनतम 01 किलोमीटर की दूरी होगी।
(ब) ग्राम पंचायत द्वारा अथवा किसी अन्य अभिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली भण्डारण सुविधा का डिजाईन ऐसा होगा जिससे कि इक_ा किया गया कूडा-करकट वातावरण में खुले रूप में न हो।
(स) ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित कूड़ादान स्थलें पर पृथक्करण को प्रोत्साहित करने के लिए निम्नानुसार रंग के पृथक-पृथक कन्टेनर भी रखवाये जा सकते हैं-
1. हरा-जैव निम्नीकरण अपशिष्टों हेतु।
2. सफेद-पुन: चक्रणयोग्य अपशिष्टों हेतु।
3. नीला/काला-अन्य साधारण अपशिष्टों हेतु।
इन कन्टेनरों से कूडे/अपशिष्टों को खाली करने और परिवहन के लिए सुगम प्रचालन डिजाईन के वाहर उपयोग में लिये जायेगें।
(द) पंचायत में स्थित सभी कॉपरेटिव सोसाईटिज, आवासीय एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रबन्धन की यह जिम्मेदारी होगी कि वे आवश्यक घनत्व के उपयुक्त स्थानों पर आवश्यक संख्या में अपने स्वयं के कन्टेनरस जिसकी डिजाइन ग्राम सभा/ग्राम पंचायत में अनुमोदित हो, अपने परिसर में स्थापित करें, ताकि वहां उत्सर्जित दैनिक कचरे को भली-भाँति भण्डारण हो सकें। जिन्हें ग्राम पंचायत के वाहनों से समयबद्ध खाली करवाने हेतु वे ग्राम पंचायत को दय यूजर चार्जेज पर अनुबन्ध कर वाहनों की व्यवस्था करवा सकेंगे।
ठोस अपशिष्ट के संग्रहण को लेकर निश्चित समय निर्धारित किया गया है जिसके तहत प्रात: 7.00 बजे से 11.00 बजे तक एवं व्यवसायी क्षेत्रों के 9.00 बजे से 12.00 बजे तक का समय रहेगा।
घर-घर कचरा संग्रहण योजना के तहत घर-घर से कचरा एकत्रित करने हेतु निम्नानुसार उपयोग राशि (ह्यद्गह्म् ष्टद्धड्डह्म्द्दद्गह्य) निर्धारित की जाती हैं:-
1. घर/आवासीय/रहवास/निवास स्थल – 10/-रुपये
2. व्यावसायिक प्रतिष्ठान, दुकान, खानपान के स्थान (ढाबा/मिठाई की दुकान/चाय की थड़ी इत्यादि) 150/- रुपये
3. गेस्ट हाउस 200/- रुपये
4. छात्रावास (Hostal) सरकारी 200/- रुपये
5. छात्रावास (Hostal)) निजी 200/- रुपये
6. रेस्टोरेन्ट (Unstar) 200/- रुपये
7. होटल रेस्टोरेन्ट (Unstar) 500/- रुपये
8. होटल रेस्टोरेन्ट (3 star तक) 800/- रुपये
9. होटल रेस्टोरेन्ट ( 3 starसे अधिक ) 1500/- रुपये
10. व्यावसायिक कार्यालय, सरकारी कार्यालय, बैंक, बीमा कार्यालय, कोचिंग क्लासेज, शैक्षणिक संस्थान (निजी एवं सरकारी) इत्यादि 250/- रुपये
15. क्लीनिक, डिस्पेंसरी, लेबोरेटरीज 500/- रुपये
16. क्लीनिस,/हॉस्पीटल (50 बेड से अधिक) 1000/- रुपये
17. क्लीनिस, डिस्पेंसरी, लेबोरेटरीज (50 बेड से अधिक) 2000/- रुपये
18. लघु व कुटरी उद्योग वर्कशॉप (केवल गैर खतरनाक) अवशिष्ट 10 क्रि.ग्रा. प्रतिदिनि 400/- रुपये
19. गोदाम, कोल्ड स्टोरेज (केवल गैर खतरनाक) अवशिष्ट 800/= रुपये
20. शादी हॉल, उत्सव हॉल प्रदर्शनी एवं मेला 3000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक 1000/- रुपये
21. शादी हॉल, उत्सव हॉल प्रदर्शनी एवं मेला 3000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल 3000/- रुपये
24. अन्य, जो ऊपर चिन्हित नहीं है। – ग्राम पंचायत के आंकलन के अनुसार
अब ग्राम पंचायत क्षेत्र में ठोस अपशिष्टों या कूड़ा-करकट फैलाना प्रतिषेध होगा।
अजमेर जिले में मॉडल के रूप में कड़ैल, ब्यावर खास, अंधेरी देवरी पंचायतों में प्रयोग किया गया था। इसकी सफलता के बाद यह प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश की ग्राम पंचायतों में लागू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस बाबत् माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली में लम्बित Original Application No. 606/2018 में पारित आदेश की पालना भी की जा रही है।
अजमेर जिला परिषद् सीईओ गजेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि उक्त आदेश को लेकर समय अनुरूप कार्यवाही करने के निर्देश जारी कर दिए गए है।
-विजय कुमार पाराशर
आवाज़ राजस्थान की
मो. 94141302519

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