ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं की एसीएस ने की समीक्षा* *ओडीएफ प्लस की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी* *8 जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों व जिला परियोजना समन्वयकों को नोटिस*

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं की एसीएस ने की समीक्षा*  *ओडीएफ प्लस की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी*  *8 जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों व जिला परियोजना समन्वयकों को नोटिस*
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*ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं की एसीएस ने की समीक्षा*

*ओडीएफ प्लस की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी*

*8 जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों व जिला परियोजना समन्वयकों को नोटिस*

*आवाज राजस्थान की*

जयपुर 21 दिसम्बर। अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग रोहित कुमार सिंह ने राज्य में ओडीएफ प्लस की धीमी प्रगति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे 31 दिसम्बर तक दिये गये लक्ष्यों को हर हालत में पूर्ण करें अन्यथा उनके विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।

 

सिंह सोमवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सभी योजनाओं की वीडियो कान्फे्रसिगं के माध्यम से प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव सिंह ने ओडीएफ प्लस में खराब प्रदर्शन पर करौली, चित्तौड़गढ़, अलवर, दौसा, चूरू, जोधपुर, उदयपुर व नागौर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयकों को 31 दिसम्बर तक लक्ष्य पूर्ति की शर्त के साथ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये व कहा कि इन जिलों की प्रगति 2 जनवरी को पुनः समीक्षा की जावेगी व सभी को आगाह किया कि विभाग की किसी भी योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
वही अजमेर जिला का कार्य प्रशंसनीय रहा

*ओडीएफ प्लस की साप्ताहिक मॉनिटरिगं होगी*

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन, सम्पूर्ण स्वच्छता को मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बताते हुए सिंह ने निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण को हिदायत दी कि वे ओडीएफ प्लस के तहत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण की धीमी प्रगति वाले जिलों पर फोकस करें व सभी जिलों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सीधे स्वंय के स्तर पर साप्ताहिक मॉनिटरिगं करें ।

*प्लास्टिक कचरा प्रबन्घन हेतु सीईओ 15 जनवरी तक भेजें भूमि आवंटन के प्रस्ताव*

उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक जिले के 2 ब्लॉक में प्लास्टिक कचरा प्रबन्घन हेतु 15 जनवरी तक सिवाय चक या राजकीय भूमि चिन्हित कर कचरा संग्रहण केन्द्र निर्माण हेतु आवंटित करवाने हेतु जिला कलक्टर के माध्यम से प्रस्ताव राजस्व विभाग को भिजवायें ।

*गांवों का स्वच्छता मानचित्र व कार्य योजना तैयार होगी*

ग्रामवासियों को शुद्व वातावरण मिल सके इस हेतु उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद् जयपुर द्वारा जवानपुरा व भाभरू गांव में ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन हेतु तैयार की गई मॉडल कार्य योजना व मार्गदर्शिका के आधार पर गांवों का स्वच्छता मानचित्र व कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये व कहा कि इसके बाद  ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर कार्य योजना तैयार की जायेगी।

*पूरा काम पूरा दाम विशेष अभियान हेतु सीईओ करें औचक निरीक्षण*

महात्मा गांधी नरेगा योजना की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने 4 पखवाड़े तक चलने वाले पूरा काम पूरा दाम विशेष अभियान को सफल बनाने हेतु ज्यादा से ज्यादा महिला मेट को नियोजित कर प्रशिक्षण देने, कार्य स्थल पर श्रमिकों की रूचि के अनुसार 5-5 के समूह में नियोजन करने, समूह माप प्रवृति को बढ़ावा देने व प्रगतिरत कार्यो का औचक निरीक्षण व प्रभावी मॉनिटरिगं करने के निर्देश दिये ताकि कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के साथ श्रमिकों को पूरा दाम मिल सके।

*पूरा काम पूरा दाम विशेष अभियान का रथ जिलो में भी धूमेगा*

उन्होंने निर्देश दिये कि पूरा काम पूरा दाम विशेष अभियान के व्यापक प्रचार हेतु तैयार विशेष रथ जिसे 18 दिसम्बर को मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने झण्डी दिखा कर जयपुर जिले में धुमाने हेतु रवाना किया था,ऎसे ही रथ सभी जिलों मेें धुमाने हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देशित किया जाये।

*जलग्रहण एवं भू-संरक्षण में गे्रडिगं में पिछड़े जिलों को सुधार के निर्देश*

जलग्रहण एवं भू-संरक्षण के कार्यो की समीक्षा करते हुए सिंह ने योजनाओं के व्यय, राजीव गांधी जल संचय योजना की प्रगति, भूवन पोर्टल, नरेगा योजनान्तर्गत चयन, वृक्षारोपण व ऑडिट पैरा व अधिकारियों के द्वारा किये गये निरीक्षण के आधार पर गे्रडिंग में पिछड़े जिलों जैसलमेर, सवाई माधोपुर, बांरा, अलवर व हनुमानगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को गे्रडिंग में सुधार के निर्देश दिये व खराब प्रदर्शन के लिये जैसलमेर व सवाई माधोपुर से स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिये।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए सिंह ने 2019-20 व 2020-21 में स्वीकृत आवासों का भोैतिक सत्यापन करने, समस्त भुगतान जिला स्तर पर अनुमोदन के पश्चात ही किये जाने, नियमित रूप से समीक्षा कर रिमाण्ड कार्य पूर्ण करवाने व इन्दिरा आवास व मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवासों की समीक्षा कर 31 मार्च कार्य पूर्ण करवाने के निर्देश दिये।

राजीविका की समीक्षा करते हुए सिंह ने सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जिला परियोजना प्रबन्धक को पाबन्द करे कि वे महिला स्वंय सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिये प्रति माह बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करें।

 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजीविका के अन्तर्गत महिला स्वंय सहायता समूहों के द्वारा तैयार उत्पादों की मार्केंटिगं पर विशेष ध्यान दें ।

उन्होंने निर्देश दिये कि नरेगा योजनान्तर्गत जिन युवाओं ने 100 कार्य दिवस पूर्ण कर लिये हैं उन्हें कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु जागरूक किया जाये।

सिंह ने कहा कि योजनाओं के लिये आंवटित राशि व संसाधनों का पूर्ण उपयोग किया । साथ ही याद दिलाया कि हम अधिकारियों का दायित्व है कि विभिन्न योजनाएं लम्बे समय तक प्रभावी रूप से चलती रहें ताकि जनता को योजनाओं का भरपूर लाभ मिल सके।

 

शासन सचिव,ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज श्रीमती मंजु राजपाल ने योजनाओं की प्रगति को वेबसाईट पर अपलोड करने व योजनाओं की प्रगति के आंकड़ों व धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति में अन्तराल को दूर करने हेतु सामुहिक प्रयास करने के निर्देश दिये।

वीडियो कान्फे्रंसिगं के दौरान आयुक्त मनरेगा पी0सी0 किशन, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण विश्व मोहन शर्मा, राजीविका, सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी उपस्थित थे।

विजय कुमार पाराशर
आवाज राजस्थान की
9414302519
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