12 जिलों में पंचायत चुनाव की आहट फिर अटक सकता है कैबिनेट विस्तार

Spread the love

जयपुर। सियासी उठापटक के बीच राजस्थान के 12 जिलों में पंचायत चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। पंचायत चुनाव के कारण कैबिनेट विस्तार पर ग्रहण लगने की आशंका है। प्रदेश के 12 जिलों में पंचायत चुनाव कराने की कवायद शुरू हो चुकी है।
राज्य में 17 नई नगर पालिकाओं के गठन के बाद 12 जिलों में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषदों में प्रभावित वार्डों के पुनर्गठन व आरक्षण का काम दोबरा करने के लिए ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग ने कलेक्टरों को 25 जून तक का समय दिया है। ये तय माना जा रहा है कि कलेक्टरों की रिपोर्ट के बाद ग्रामीण विकस और पंचायती राज विभाग अपनी रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोकग को भेजेगा। ऐसे में तय माना जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग इस महीने के अंत तक चुनाव कराने को लेकर काम शुरू कर देगा। हालांकि, इस बीच राज्य चुनाव आयोग चुनाव कराने को लेकर काम शुरू कर देगा। हालांकि, इस बीच राज्य चुनाव आयोग चुनाव कराने को लेकर कलेक्टरों से भी रिपोर्ट तलब करेगा। इसमें पूछा जाएगा कि कोरोना की क्या स्थिति है। क्या चुनाव कराने का ये उपयुक्त समय है या गांवों में क्या हालात है।
इन 12 जिालें में होने हैं चुनाव, प्रशासक देख रहे हैं कामकाज
* अलवर, बारां, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, जयपुर, जोधपुर, करौली, कोटा, श्रीगंगानगर में चुनाव होने है।* चुनाव की तारीख टलने से इनमें संबंधित संस्थाओं में नियुक्त प्रशासन ही इनका कामकाज देख रहा है। * यहां ग्राम पंचायत और पंचायत समिति के वार्ड आदि में नए सिरे से परिसीमन आदि कराए जा रहे है। आरक्षण भी प्रभावित होना स्वभाविक है।
17 नई नगर पालिकाओं जिनसे पंचायत से परिषद तक असर
इसमें जयपुर जिले की पावटा प्रागपुरा और बस्सी शामिल है। अलवर की बानसूर, लक्ष्मणगढ़ और रामगढ़ शामिल है। दौसाकी मंउावरी, जोधपुर की भोपालगढ़, धौलपुर की सरमथुरा और बसेड़ी। करौली से सपोटरा। श्रीगंगानगर से लालगढ़ जाटान, बारां अटरू। कोटा से सुल्तानपुरा, सिरोही से जावाल। भरतपुर से उच्चैन और सीकरी। सवाई मधापुर से बामनवास शामिल है।
सालभर से अडंगा…. कभी नए परिसीमन का विवाद तो कभी कोरोना
प्रदेश में जयपुर सहित 12 जिलों में जनवरी 2020 में पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव होने थे, लेकिन नए परिसीमन विवाद और नई नगरपालिकाओं के विवाद के चलते मामला कोर्ट में उलझा हुआ था। इस वजह से चुनाव आयोग इस समय अवधि में चुनाव नहीं करवा सका। इसके बाद कोरोन संक्रमण काफी हद तक काबू में दिख रहा है। इसी वजह से जल्द से जल्द चुनाव कराने की तैयारी की जारही है, ताकि सभी कार्य तेज गति से आगे बढ़ सके।

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *