प्रधानमंत्री आवास योजना में सभी भुगतान आधार आधारित बैंक खातों में ही किया जावे

Spread the love

क्रमांक. एफ.27(51)ग्राविवि-5/क्करू्रङ्घ-त्र/प्रगति /2020-23/पार्ट-ढ्ढढ्ढ दिनांक : 11.2.21
वर्ष 2020 तक ग्रामीण क्षेत्र के समस्त पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य के मद्देनजर वर्ष 2016-17 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण संचालित है। उक्त लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु योजनान्तर्गत वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक प्रथम फेज के अन्तर्गत राज्य को संलग्न विवरण के अनुसार लक्ष्य आवंटित किये गये। इसके उपरांत वर्ष 2019-20 में राज्य को 3,64,000 के लक्ष्य आवंटित किये गये एवं राज्य की अच्छी प्रगति के मद्देनजर 86,816 के अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किये गये, जिन्हें मिलाकर कुल 4,50,816 के लक्ष्य आवंटित हुये एवं वर्ष 2020-21 के 4,33,306 के लक्ष्य आवंटित किये गये है।
उपरोक्तानुसार आवंटित लक्ष्यों की वर्षवार प्रगति अर्जित की गई है। सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय की अध्यक्षता में दिनांक 03.02.2021 को आयोजित क्कद्गह्म्द्घशह्म्द्वड्डठ्ठष्द्ग क्रद्ग-1द्बद्ग2ह्य ष्टशद्वद्वद्बह्लह्लद्गद्ग की बैठक में योजना की समीक्षा की गई जिसमें निम्न निर्देश प्रदान किये गये है, जिनके क्रम में निम्नानुसार कार्यवाही की :-
1. वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक आवंटित लक्ष्यानुसार शत् प्रतिशत प्रगति प्राप्त करना व पूर्ण नहीं हो पाये आवासों को 31 मार्च, 2021 तक पूर्ण कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके उपरांत आवास अपूर्ण रहने पर उक्त आवासों हेतु राज्य सरकार को आवंटित राशि में कटौती किये जाने बाबत् अवगत कराया गया है। अत: समीक्षा पर 31 मार्च, 2021 तक समस्त आवासों को पूर्ण कराये जाने हेतु कार्य योजना तैयार कर ग्राम पंचायत समिति वार जिम्मेदारी दी जानी है।
2. वर्ष 2019-20 व वर्ष 2020-21 में स्वीकृत आवासों को 31 मार्च 2021 तक पूर्ण कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इस क्रम में विभागीय पत्र दिनांक 21.1.2021 एवं 05.02.2021 के द्वारा आवंटित दैनिक लक्ष्यानुसार प्रगति अर्जित कराये जाने की समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जावें।
3. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के फेमवर्क के अनुसार भूमिहीन आवासहीन परिवारों को प्रथम वरीयता निर्धारित कर सर्वप्रथम इन्हें आवास स्वीकृत किये जाने का प्रावधान उल्लेखित है। उक्त के बावजूद भी योजना क्रियान्वयन में लगभग 5 वर्ष व्यतीत हो जाने पर भी आदिनांक राज्य में 12,245 लाभार्थियों को भूमि/पट्टा आवंटन बकाया। जिसके लिये सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा खेद प्रकट करते हुये राज्य को शीघ्र इन लाभार्थियों को भूमि आवंटन करने हेतु निर्देशित किया गया। इस क्रम में लेख है कि वन विभाग की भूमि पर निवास कर रहे इस श्रेणी के परिवारों को वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पात्रता का परीक्षण करवाकर भूमि आवंटन सुनिश्चित किया जावें। अगर इस संंबंध में वन विभाग/ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग से किसी भी तरह का सहयोग/मर्गदर्शन अपेक्षित हो तो जिले से समग्र प्रस्ताव बनाकर विभाग को प्रेषित किया जावें।
4. ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा योजना की स्थाई वरीयता सूची में शामिल नहीं पात्र परिवारों की पहचान कर आवास प्लस एप के माध्मय से परिवारों का चिन्हिकरण कर आधार सिडिंग, जॉब कार्ड मैपिंग व जियो ट्रैनिंग का कार्य संपादित किया गया था। इस सूची में स्वीकृति की अनुमति ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शीघ्र ही दिये जाने बाबत् अवगत कराते हुये निम्नानुसार निर्देशित किया गया है:-
द्ब. अपात्र परिवारों को सूची से हटाया जावें।
द्बद्ब. चिन्हित परिवारों की आधार सिडिंग व जॉब कार्ड मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जावें। यह कार्य 15 फरवरी, 2021 तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करावें। यहां विशेष उल्लेख है कि परिवार के सभी सदस्यों की आधार सिडिंग की जानी अनिवार्य है। अत: संबंधित को इस संबंध में विशेष रूप से निर्देशित करावें।
द्बद्बद्ब. 1 अपै्रल, 2021 में योजनान्तर्गत सभी भुगतान आधार आधारित किया जाने बाबत् निर्देशित किया गया है। अत: योजनान्तर्गत सभी लाभान्वितों के आधार नम्बर बैंक अकाउंट के साथ सीड किये जावें।

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *