जिला कलक्टर ने विकास अधिकारियों के साथ ली समीक्षा बैठकपंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की ब्लॉकवार की समीक्षा
जिला कलक्टर ने विकास अधिकारियों के साथ ली समीक्षा बैठक
पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की ब्लॉकवार की समीक्षा
अजमेर, 7 अगस्त। जिला कलक्टर लोक बंधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिले के समस्त विकास अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी सभी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की ब्लॉकवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राम प्रकाश ने योजनाओं से जुड़ी प्रगति से अवगत कराया।
जिला कलक्टर लोक बन्धु ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराएं। साथ ही लाभार्थियों को आगामी किश्त जारी करने की कार्यवाही की जाए। योजना के अंतर्गत किए गए निर्माण की जियो टैगिंग के साथ ही सत्यापन कराए। आवास सहायकों की शत-प्रतिशत नियुक्ति करे। योजना से सम्बन्धित नवीन आवेदनों में अपात्र घोषित व्यक्तियों की जाँच कराएं।
उन्होंने कहा कि जल स्वावलम्बन जन भागीदारी अभियान के स्वीकृत कार्यों के आरम्भ होते ही पोर्टल पर दर्ज करे। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के कार्यों में प्रगति के साथ-साथ पोर्टल पर अपडेशन भी करते रहे। हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पौधारोपण किया जाए। प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग कर पोर्टल पर अपलोड किया जाना सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं पूर्णता प्रमाण पत्र जिला स्तर पर उपलब्ध कराएं। इन कार्यों का भुगतान वर्क पोर्टल के नियामानुसार किया जाए। अमृत पोषण वाटिका, अमृत ग्रामीण हाट बाजार, ग्रामीण पुस्तकालय, कांजी हाउस जैसी बजट घोषणाओं को पूर्ण करने के लिए आवश्यकतानुसार भूमि चिह्नित करके रखें। भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी आरम्भ करें।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत जीरामजी के अंतर्गत भुगतान शीघ्र कराया जाना आवश्यक है। इसमें किसी प्रकार की देरी से बचने के लिए बिल समय पर अग्रेसित किए जाएं। जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में कार्य जारी रखने के लिए आवश्यक है कि अनुमत कार्यों के प्रस्ताव लगातार भिजवाते रहे। इससे व्यक्तियों को माँगते ही रोजगार मिल सकेगा। इसमें सामान्य कार्यों के साथ-साथ परिसम्पत्ति निर्माण के कार्य भी किए जाएं।