सरपंच ने नियम विरूद्ध पट्टे जारी कर पहुचाया राज कोष को नुकसान अबदेवलियां कलां सरपंच के निलंबन की सिफारिश, 12 लाख रुपए से अधिक की राशि वसूली जाएगी
सरपंच ने नियम विरूद्ध पट्टे जारी कर पहुचाया राज कोष को नुकसान अब
देवलियां कलां सरपंच के निलंबन की सिफारिश, 12 लाख रुपए से अधिक की राशि वसूली जाएगी
अजमेर भिनाय पंचायत समिति मे देवलियाकला सरपंच ने नियम विरूद्ध पट्टे जारी कर सरकार के राजकोष का नुकसान पहुचाया है, जांच मे शिकायत के सही पाये जाने पर जिला परिषद ने कार्यवाही की है
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने देवलियाकला स्वपंच सुमन सैन और ग्राम सेवक महादेव के खिलाफा निलंबन का प्रस्ताव बनाकर संभागीय आयुक्त कार्यालय भेजा है। ग्राम सेवक महादेव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत और सरपंच द्वारा पट्टों का गलत आवंटन करने की लगातार शिकायतों के बाद हुई है सरपंच के खिलाफ वार्ड पंच
शिवराज सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई थी। मामले की जांच में सामने आया कि सरपंच ने नियमों को अवहेलना कर पट्टे जारी किए। अब सरपंच से 12 लाख 7 हजार 329 रुपए वसूल किए जाएंगे। आरोप है कि सरपंच पद पर रहते हुए कैलाश चंद पुत्र दुर्गालाल सैन को पट्टा बुक 147, पट्टा संख्या 14. राशि 65,960 रुपए लेकर
पट्टा जारी किया गया। इसे पंचायत समिति भिनाय से अनुमोदित किया जाना था, लेकिन पालना नहीं हुई। सुरेन्द्र सिंह जोधा को पट्टा संख्या 15, बुक 147 पर 240 वर्गफीट की दुकान के नाम से पट्टा जारी किया गया। डीएलसी दर 223.37 रुपए प्रति वर्गफीट थी, कुल राशि 53,762 रुपार 80 पैसे। लेकिन केवल 40,500 रुपए ही वसूले गाए।
सरपंच ने 150 वर्गगज जमीन पर रियायती दर पर पट्टे जारी किए, जिसमें पात्रता की जांच नहीं हुई। जिला परिषद ने ग्राम पंचायत से सभी रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। अजमेर में इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। निलंबन प्रस्ताव में सरपंच और ग्राम सेवक के खिलाफ धारा 38 पंचायती राज के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
अनियमित नकद वसुलियों का आरोप आरोप है कि सरपंच पद पर रहते सुमन सैन ने 9 अक्टूबर 2025 को 233 व्यक्तियों से पष्ठट्टा आवेदन के रूप में प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपए लिए। नियमों की पालना नहीं की गई। कुल 17 व्यक्तियों को पट्टे जारी किए गए, जिनसे वसूली गई राशि में 7,192 रुपए का अंतर है। जिला परिषद ने रेडमली 20 पत्रावलियों की जांच की, जिसमें यह अनियमित रिकॉर्ड मिला। पट्टों का रिकॉर्ड अपूर्ण और विधिक संधारण नहीं था।