सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां राजस्थान, डॉ. समित शर्मा ने शुक्रवार को सहकार भवन अजमेर में विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक ली
अजमेर में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
प्रमुख शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने गोदाम निर्माण, पैक्स सुदृढ़ीकरण, ऋण वितरण एवं पारदर्शिता बढ़ाने के दिए निर्देश
अजमेर, एक मई। सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां राजस्थान, डॉ. समित शर्मा ने शुक्रवार को सहकार भवन अजमेर में विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान डॉ. शर्मा ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार, अजमेर खंड को अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट घोषणाओं के तहत डीडवाना-कुचामन जिले में नए उपभोक्ता होलसेल भंडार की स्थापना तथा 500, 250 एवं 100 मैट्रिक टन क्षमता के गोदामों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण पर बल दिया।
उन्होंने सहकार से समृद्धि योजना के अंतर्गत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत स्वीकृत सरवाड़, बसंत बघेरा एवं श्रीराम हिंगोनिया में गोदाम निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम सेवा सहकारी समितियों को कस्टम हायरिंग सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र एवं प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
डॉ. शर्मा ने बैंक अधिकारियों को दीर्घकालीन ऋण वितरण विशेषकर एनएफएस क्षेत्र में बढ़ोतरी, बैंक की जमा राशि में वृद्धि तथा पैक्स के कम्प्यूटरीकरण को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्रीय सहकारी बैंक की टीम द्वारा एनपीए नियंत्रण एवं कम्प्यूटरीकरण में की गई प्रगति की सराहना की।
राजफेड के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने बारदाने की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं किसानों को समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए। साथ ही पैक्स एवं क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को एनसीओएल, एनसीईएल एवं बीबीएसएसएल की सदस्यता दिलाकर कार्यों के विविधीकरण पर बल दिया।
उन्होंने भीलवाड़ा एवं नागौर जिलों में ऑडिट कार्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा सहकारी संस्थाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण लेखा परीक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि संभावित अनियमितताओं को समय रहते रोका जा सके।
बैठक में पैक्स विहीन ग्राम पंचायतों में नई पैक्स समितियों के गठन हेतु सर्वे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त होलसेल भंडारों के माध्यम से सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मिलेट आउटलेट्स स्थापित कर श्रीअन्न उत्पादों के विक्रय को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. शर्मा ने बजट घोषणा के अंतर्गत उपहार विक्रय केंद्रों की स्थापना हेतु भूमि चिन्हित करने, दुग्ध समितियों के खातों को केन्द्रीय सहकारी बैंक में स्थानांतरित करने तथा माइक्रो एटीएम स्थापित करने के निर्देश दिए। भूमि विकास बैंक के केकड़ी एवं अजमेर के सचिवों को कम्प्यूटरीकरण एवं लक्ष्य आधारित ऋण वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया।
क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को एमएसपी खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने एवं किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति को दोहराते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए।
शासन सचिव डॉ. शर्मा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों डॉ. शानू खन्ना, श्रीमती आशा तंवर, श्रीमती मेहर, श्री सोहन सिंह व श्री कमलेश को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। बैठक में विभागीय अधिकारी श्री संजीव कुमार, श्री हरीश सिवासिया, श्री राजीव, श्रीमती प्रतीभा, श्री अनिल, श्री राजेन्द्र, श्रीमती शानू, श्री पवित्र, श्रीमती आशा, श्रीमती मोनिका इत्यादि अधिकारी एवं निरीक्षक गण उपस्थित रहे।