भारत की पहली डिजिटल जनगणना के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कार्मिकों को दिया गया स्व-गणना का प्रशिक्षणघर बैठे ऑनलाइन डेटा फीड करने से होगी समय और श्रम की बचत- त्रुटि रहित डेटा होगा सुनिश्चित16 भाषाओं में उपलब्ध डिजिटल पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं भर सकेंगे अपना विवरण
भारत की पहली डिजिटल जनगणना के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कार्मिकों को दिया गया स्व-गणना का प्रशिक्षण
घर बैठे ऑनलाइन डेटा फीड करने से होगी समय और श्रम की बचत- त्रुटि रहित डेटा होगा सुनिश्चित
16 भाषाओं में उपलब्ध डिजिटल पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं भर सकेंगे अपना विवरण
अजमेर, एक मई। भारत की आगामी जनगणना को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभागार में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बोर्ड के अधिकारियों एवं कार्मिकों को जनगणना के अंतर्गत स्व-गणना की प्रक्रिया से अवगत कराना और उन्हें डिजिटल माध्यमों के उपयोग हेतु प्रशिक्षित करना था।
प्रशिक्षण शिविर में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की मुख्य वक्ता सोनम गढ़वाल ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस बार भारत की जनगणना पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में आयोजित की जा रही है।
उन्होंने स्व-गणना के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक वेब-आधारित प्रक्रिया है, जो नागरिकों को प्रगणक के घर आने से पहले ही आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा देती है।
श्रीमती गढ़वाल ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि स्वयं जानकारी भरने से डेटा सुरक्षित रहता है और मानवीय त्रुटि की संभावना न्यूनतम हो जाती है। यह प्रक्रिया 16 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है। डेटा फीड करने के बाद नागरिक एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी प्राप्त कर सकते हैं। इसे बाद में प्रगणक को दिखाकर अपनी प्रक्रिया को त्वरित रूप से पूर्ण किया जा सकता है। इससे समय की बचत होगी एवं डिजिटल इंडिया के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी।
शिविर के दौरान बोर्ड सचिव नीतू यादव, निदेशक राजेन्द्र प्रसाद पारीक, सहायक निदेशक राजीव चतुर्वेदी, अरूण जोशी, कैलाश चन्द खण्डेलवाल, अनिल बिसावा और प्रोग्रामर गिरधर गोपाल सहित बोर्ड के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।