जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को जनगणना 2027 के तहत प्रारंभ हुई स्व-गणना प्रक्रिया में स्वयं भाग लेकर नागरिकों को प्रेरित किया।
जनगणना 2027 जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने स्व-गणना में लिया भाग
नागरिकों से राष्ट्र निर्माण के महाअभियान से जुड़ने की अपील की
अजमेर, एक मई। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को जनगणना 2027 के तहत प्रारंभ हुई स्व-गणना प्रक्रिया में स्वयं भाग लेकर नागरिकों को प्रेरित किया। उन्होंने आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर अपना विवरण दर्ज कर ऑनलाइन फॉर्म सबमिट किया और आमजन से भी इस सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की।
मंत्री श्री रावत ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की आर्थिक प्रगति, बुनियादी ढांचे और जनजीवन के समग्र आंकलन का महत्वपूर्ण आधार होती है। इसके माध्यम से वर्तमान विकास संकेतकों का मूल्यांकन किया जाता है। साथ ही भविष्य की योजनाओं के निर्माण में भी सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि जनगणना की परंपरा ऐतिहासिक काल से चली आ रही है और यह शासन-प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपकरण रही है।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि डिजिटल युग में उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाते हुए प्रत्येक व्यक्ति अपने मोबाइल के माध्यम से सरल प्रक्रिया के तहत अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करे।
श्री रावत ने कहा कि जनगणना 2027 विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस महाअभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 मई से प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य प्रारंभ करेंगे। इससे पूर्व 1 मई से 15 मई तक आमजन को स्व-गणना की विशेष सुविधा प्रदान की गई है, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।