मनरेगा में अपूर्ण कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करवाएं, सघन पौधारोपण के लिए 15 मई तक स्थान चयन करें— मनरेगा आयुक्त
मनरेगा में अपूर्ण कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करवाएं, सघन पौधारोपण के लिए 15 मई तक स्थान चयन करें— मनरेगा आयुक्त
जयपुर, 7 मई। मनरेगा आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने गुरूवार को इस योजना के सभी अतिरिक्त जिला कार्यकम समन्वयक (जिला परिषद सीईओ) तथा ब्लॉक स्तर के खण्ड विकास अधिकारियों की वी.सी. के माध्यम से बैठक लेकर महात्मा गांधी नरेगा के बकाया कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करवाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने योजना के बेहतर कियान्वयन के संबंध में अधिकारियों से बिन्दुवार समीक्षा एवं विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये।
उन्होंने श्रम तथा प्रशासनिक मद के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि बिना टेंडर किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री की खरीद या भुगतान न करें। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता मिली तो संबंधित कार्मिक के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने उदयपुर व बीकानेर संभाग के सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को मनरेगा में भुगतान संबंधित बिलों का अन्तर जिला सत्यापन कराये जाने के भी निर्देश दिये।
आयुक्त ने बताया कि प्रधानंमत्री आवास योजना (ग्रामीण) में स्वीकृत आवास के लाभार्थियों को मनरेगा से 90 अकुशल कार्य दिवस दिये जाने का प्रावधान है, इसके बिना पीएमएवाई आवास को पूर्ण नहीं दिखाया जा सकता है। इसके लिए समस्त स्वीकृत आवासों हेतु शीघ्र मस्टररोल जारी करवाया जाना सुनिश्चित करें । उन्होंने मनरेगा में लक्ष्य के अनुसार श्रमिक नियोजन करते हुए अधिक से अधिक जॉब कार्डधारी परिवारों को निर्धारित समयावधि में रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
उन्होंने मनरेगा में अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करवाने के लिए जारी टाईम लाईन पर चर्चा करते हुए इसकी अक्षरशः पालना करते हुए आगामी मानसून के दौरान सघन पौधारोपण के लिए 15 मई तक स्थान चयन करने के निर्देश दिए गए।
परियोजना निदेशक रतन लाल अटल ने मनरेगा में पूर्ण हुए श्रेष्ठ कार्यों के फोटोग्राफ मय सफलता की कहानियां प्रति सप्ताह नियमित रूप से राज्य मुख्यालय को भिजवाने के निर्देश दिये।
बैठक में अधीक्षण अभियंता आई.पी. अग्रवाल, परियोजना अधिकारी डॉ. सुगन, अधिशाषी अभियंता कीर्ति सिंह निर्वाण, भास्कर दत्त त्रिपाठी, राजेन्द्र शर्मा, एसीपी शिकान्त मुंजाल, आईईसी समन्वयक उमाशंकर शर्मा, एमआईएस मैनेजर रविन्द्र सिंघानिया, जीएआईएस विशेषज्ञ
साधना सिंह भी उपस्थित रहे।