आजादी के बाद पहली बार, समुद्रतल से 870 ऊंचाई पर तारागढ़ किले का होगा विकास

आजादी के बाद पहली बार, समुद्रतल से 870 ऊंचाई पर तारागढ़ किले का होगा विकास
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आजादी के बाद पहली बार, समुद्रतल से 870 ऊंचाई पर तारागढ़ किले का होगा विकास

विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी और जिले के आला अफसर पहुंचे अवलोकन करने

  • तारागढ़ किले का होगा ऎतिहासिक कायाकल्प, 20 करोड़ की लागत से विकसित होगा गौरवशाली धरोहर क्षेत्र
  • विकास कार्यों की रूपरेखा पर अधिकारियों संग की विस्तृत चर्चा,परकोटे से लेकर तारागढ़ संपर्क मार्ग तक होगा संरक्षण एवं विकास
  • ऎतिहासिक भवनों, शिलालेखों और धरोहरों के संरक्षण पर विशेष फोकस
  • सम्राट पृथ्वीराज चौहान की गौरवगाथा से जुड़ेगा आधुनिक पर्यटन विकास
  • तारागढ़ पर म्यूजियम, पार्क, पार्किंग, कैफे एवं लेजर शो जैसे प्रस्तावों पर विचार

अजमेर, 8 मई। अजमेर की ऎतिहासिक पहचान, गौरव और वीरता के प्रतीक सम्राट पृथ्वीराज चौहान से जुड़े तारागढ़ किले एवं पहाड़ी क्षेत्र का शीघ्र ही व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तारागढ़ क्षेत्र का विस्तृत अवलोकन किया तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा की। इस दौरान परकोटे, संपर्क मार्ग, ऎतिहासिक भवनों, प्राचीन संरचनाओं एवं चौहान शासकों से जुड़े शिलालेखों के संरक्षण और विकास को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।

आजादी के बाद पहली बार समुद्र तल से लगभग 870 फीट ऊंचाई पर स्थित ऎतिहासिक तारागढ़ किले एवं क्षेत्र के समग्र विकास और संरक्षण की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान की वीरता, गौरव और अजमेर की ऎतिहासिक पहचान से जुड़े इस धरोहर क्षेत्र को राज्य सरकार की बजट घोषणा के अंतर्गत लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जाएगा। इसके तहत ऎतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से अजमेर की ऎतिहासिक धरोहर को नई पहचान देने के साथ-साथ इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि तारागढ़ ऎतिहासिक प्रतापी चौहान शासकों सम्राट पृथ्वीराज चौहान की वीरता, स्वाभिमान और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। इसे उसी ऎतिहासिक गरिमा और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि परकोटे से लेकर तारागढ़ संपर्क मार्ग, पुराने भवनों, ऎतिहासिक संरचनाओं एवं अन्य निर्मित धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के कार्य योजनाबद्ध ढंग से किए जाएं।

उन्होंने कहा कि तारागढ़ क्षेत्र का विकास सर्वे प्लान के आधार पर वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से किया जाए। क्षेत्र में स्थित ऎतिहासिक शिलालेखों, प्राचीन अवशेषों एवं अजयराज सहित अन्य चौहान शासकों से जुड़े इतिहास को खोजने, संरक्षित करने और आमजन तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इससे आने वाली पीढ़ियों को अजमेर के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सकेगा।

विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इससे आमजन एवं पर्यटकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़ ने बताया कि तारागढ़ विकास योजना के अंतर्गत जीर्णाेद्धार, म्यूजियम, पार्क, पार्किंग, कैफे तथा पर्यटन सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अजमेर और सम्राट पृथ्वीराज चौहान के इतिहास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री, लेजर शो एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतीकरण जैसे नवाचारों पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को ऎतिहासिक अनुभव आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्राप्त हो सके।

जिला कलक्टर श्री लोकबंधु ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद तारागढ़ क्षेत्र अजमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में नई पहचान प्राप्त करेगा। इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही अजमेर की ऎतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अगरवाला, अजमेर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्रीमती नित्या के., सचिव श्री अनिल पूनिया, तहसीलदार श्री ओम सिंह लखावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

admin - awaz rajasthan ki

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