अजमेर में पित्ताशय कैंसर की पहली लेप्रोस्कोपिक रेडिकल सर्जरी सफल
जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय, अजमेर
अजमेर में पित्ताशय कैंसर की पहली लेप्रोस्कोपिक रेडिकल सर्जरी सफल
अजमेर। 70 वर्षीय जो पिछले कई वर्षों से पित्ताशय की पथरी और पेट दर्द से पीड़ित थीं, का पित्ताशय कैंसर का सफल लेप्रोस्कोपिक रेडिकल ऑपरेशन किया गया। जांच के दौरान पित्ताशय में पथरी के साथ दीवार में असामान्य मोटाई पाई गई, जिसके बाद सीटी स्कैन में पित्ताशय कैंसर की आशंका सामने आई।
आवश्यक जांचों के बाद वरिष्ठ सर्जन डॉ. अनिल के. शर्मा के नेतृत्व में मरीज की लेप्रोस्कोपिक रेडिकल कोलेसिस्टेक्टॉमी की गई। ऑपरेशन के दौरान कैंसर के लीवर और आसपास की लसीका ग्रंथियों तक फैलने का पता चला। सर्जिकल टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से प्रभावित ऊतकों और लसीका ग्रंथियों को सफलतापूर्वक हटाया।
ऑपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई। सर्जरी के उपरांत प्राप्त हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में कैंसरग्रस्त ऊतक पूरी तरह हटाए जाने की पुष्टि हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, पित्ताशय का कैंसर अत्यंत आक्रामक होता है और इसकी समय पर पहचान एवं शीघ्र सर्जरी ही सफल उपचार का सबसे प्रभावी विकल्प है।
यह उपलब्धि अजमेर ही नहीं, बल्कि संभवतः राजस्थान सरकार के किसी भी मेडिकल कॉलेज में की गई पहली सफल लेप्रोस्कोपिक रेडिकल कोलेसिस्टेक्टॉमी है।
सर्जिकल टीमः डॉ. अनिल के. शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सागर, डॉ. रश्मि सिंह एवं डॉ. नमन सोमानी।
एनेस्थीसिया टीमः डॉ. रतन यादव एवं डॉ. शशि ।
जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ अनिल सामरिया एंव अधीक्षक डॉ० अरविन्द खरे के नेतृत्व में नित नये आयाम एवं कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
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