सरपंच चुनाव में ‘आवाज राजस्थान की’ का सर्वे 100 प्रतिशत सटीक रहा,
मतगणना से पहले ही प्रत्याशियों को फोन कर दी थी जीत की अग्रिम शुभकामनाएं, नव निर्वाचित सरपंचों ने फोन कर जताया आभार
सरपंच चुनाव में ‘आवाज राजस्थान की’ का सर्वे 100 प्रतिशत सटीक रहा
मतगणना से पहले ही प्रत्याशियों को फोन कर दी थी जीत की अग्रिम शुभकामनाएं, नव निर्वाचित सरपंचों ने फोन कर जताया आभार
अलीपुरा, पीचोलिया, जेठाना, देराठु, मकरेडा, केसरपुरा, कालेसरा सहित अनेक पंचायतो मे अग्रिम बधाई दी थी
अजमेर। पंचायतीराज चुनाव के दौरान ग्राम पंचायतों में जाकर सरपंच पद के दावेदारों से मुलाकात करने और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर चुनावी माहौल का आकलन करने की अनूठी पहल इस बार ‘आवाज राजस्थान की’ समाचार पत्र के लिए खास उपलब्धि बनकर सामने आई है। समाचार पत्र द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर किया गया चुनावी आकलन शत-प्रतिशत सटीक रहा।कई ग्राम पंचायतों में समाचार पत्र की टीम ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही संभावित विजेताओं को जीत की अग्रिम शुभकामनाएं दे दी थीं।
पंचायतीराज चुनाव के दौरान ‘आवाज राजस्थान की’ की टीम ने गांव-गांव पहुंचकर सरपंच पद के दावेदारों से सीधा संवाद किया। इस दौरान प्रत्याशियों से गांव के विकास को लेकर उनकी प्राथमिकताओं, भविष्य के विजन, जनसंपर्क और ग्रामीणों के साथ उनके जुड़ाव के बारे में जानकारी ली गई। इसके साथ ही ग्रामीणों से बातचीत कर गांव का चुनावी माहौल, प्रत्याशियों की लोकप्रियता और उनके पक्ष में बन रहे समर्थन का आकलन किया गया।
कांटे की टक्कर में भी पहले ही जता दिया था भरोसा
कई ग्राम पंचायतों में चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का था। ऐसे में ‘आवाज राजस्थान की’ की टीम ने मतदान के बाद मतगणना से पहले ही संबंधित प्रत्याशियों को फोन कर सरपंच बनने की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद जब इन प्रत्याशियों की जीत हुई तो समाचार पत्र का चुनावी आकलन चर्चा का विषय बन गया।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अनेक नव निर्वाचित सरपंचों ने फोन कर ‘आवाज राजस्थान की’ की टीम को धन्यवाद दिया और सटीक आकलन के लिए बधाई दी। प्रत्याशियों की ओर से मिले इन फोन कॉल ने टीम के उत्साह को और बढ़ाया।
गांवों के बीच पहुंचकर चुनावी नब्ज पहचानने की पहल
पंचायतीराज चुनाव में केवल राजनीतिक चर्चाओं या अनुमानों तक सीमित रहने के बजाय प्रत्याशियों से प्रत्यक्ष संवाद और ग्रामीणों से फीडबैक लेकर चुनावी तस्वीर समझने का यह नवाचार ‘आवाज राजस्थान की’ ने शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य केवल चुनावी जीत-हार का अनुमान लगाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं, विकास की जरूरतों और सरपंच पद के दावेदारों की कार्ययोजना को भी जनता के सामने लाना रहा।
समाचार पत्र का मानना है कि गांव की वास्तविक चुनावी तस्वीर को समझने के लिए ग्रामीणों के बीच पहुंचना, अलग-अलग वर्गों से बातचीत करना और प्रत्याशियों के विजन को जानना बेहद जरूरी है। इसी आधार पर टीम ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में चुनावी समीकरणों का आकलन किया।
24 वर्षों से पंचायतीराज की खबरों से जुड़ा समाचार पत्र
‘आवाज राजस्थान की’ पंचायतीराज और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से प्रकाशित करने वाला समाचार पत्र है, जो पिछले 24 वर्षों से निरंतर प्रकाशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की आवाज उठाता आ रहा है। इस बार सरपंच चुनाव के दौरान प्रत्याशियों से मुलाकात और ग्रामीणों से संवाद की पहल ने समाचार पत्र को एक अलग पहचान दिलाई।
चुनाव परिणामों के बाद नव निर्वाचित सरपंचों की ओर से मिले बधाई और धन्यवाद के फोन इस बात का संकेत हैं कि ग्रामीण स्तर पर चुनावी आकलन की इस पहल को सराहना मिली है। ‘आवाज राजस्थान की’ की टीम ने इसे ग्रामीणों के विश्वास और जमीनी पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिणाम बताया है।
समाचार पत्र का कहना है कि भविष्य में भी गांवों की समस्याओं, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और विकास कार्यों को लेकर इसी तरह जमीनी स्तर पर संवाद जारी रहेगा, ताकि ग्रामीणों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाया जा सके।