सहकारिता विभाग में ‘स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार’ अभियान का शुभारम्भ4 से 29 मई तक तीन चरणों में संचालित होगा अभियान

सहकारिता विभाग में ‘स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार’ अभियान का शुभारम्भ4 से 29 मई तक तीन चरणों में संचालित होगा अभियान
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सहकारिता विभाग में ‘स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार’ अभियान का शुभारम्भ
4 से 29 मई तक तीन चरणों में संचालित होगा अभियान—
‘5S’ पद्धति अपनाने से स्वच्छता, सुव्यवस्था एवं कार्यकुशलता को मिलेगा बढ़ावा—
शासन सचिव, सहकारिता ने नेहरू सहकार भवन में कार्यालयों का सघन निरीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
04 मई 2026, 06:00 PM

जयपुर, 4 मई। सहकारिता विभाग में कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने, कार्यालयों को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार’ विशेष अभियान का सोमवार से शुभारम्भ हुआ। यह अभियान प्रधान कार्यालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों में 4 से 29 मई 2026 तक चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा, जिसमें कार्यालयों की साफ-सफाई सहित चिह्नित रिकॉर्ड एवं कबाड़ के निस्तारण की कार्यवाही की जाएगी।

सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर नेहरू सहकार भवन में सभी अनुभागों एवं भवन में स्थित सहकारी संस्थाओं के कार्यालयों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करते हुए कार्यस्थल की स्वच्छता और व्यवस्थित कार्यप्रणाली पर जोर दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि कार्यालयों में रिकॉर्ड के अव्यवस्थित प्रबंधन, अनुपयोगी सामग्री के संधारण एवं अस्वच्छता से राजकार्य प्रभावित होता है तथा आमजन में विभाग की नकारात्मक छवि बनती है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यालय साफ-सुथरा और व्यवस्थित रहेगा तो न केवल कार्य करने का सकारात्मक माहौल बनेगा, बल्कि कार्यों के निष्पादन में भी तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि इससे वांछित रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो सकेगा साथ ही, स्वच्छता बनाए रखने से विभिन्न बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

रिकॉर्ड प्रबंधन एवं निस्तारण पर विशेष जोर-
शासन सचिव ने कबाड़ के निस्तारण, फाइलों, बस्तों एवं अलमारियों को सुव्यवस्थित रखने, टूटी कुर्सियों की मरम्मत, पुराने एवं अनुपयोगी वाहनों के निस्तारण, शौचालयों की नियमित सफाई तथा कार्यालयों की दीवारों पर रंग-रोगन जैसे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने दीवारों और अलमारियों पर लगे पोस्टर हटाने, रिकॉर्ड प्रबंधन को दुरुस्त करने, पुराने दस्तावेजों का नियमानुसार वर्गीकरण एवं निस्तारण करने, फाइलों को स्कैन कर ई-फाइल में तब्दील करने के भी निर्देश दिए। शासन सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कार्यालयों में तत्काल कार्य प्रारम्भ करते हुए “बिफोर एवं आफ्टर” फोटो साझा किए जाएं, जिससे प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित हो सके। डॉ. शर्मा ने कहा कि यह अभियान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर कार्य संस्कृति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे विभाग की सकारात्मक छवि बनेगी और आमजन को अधिक प्रभावी एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

तीन चरणों में संचालित होगा अभियान –
अभियान के अंतर्गत पहले चरण में अनुपयोगी रिकॉर्ड एवं सामग्री की पहचान, दूसरे चरण में व्यापक सफाई एवं व्यवस्था सुधार तथा तीसरे चरण में चिन्हित सामग्री का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। सभी कार्यालयाध्यक्षों को अभियान की नियमित मॉनिटरिंग कर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान अवधि के दौरान एवं पश्चात सभी कार्यालयों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।

‘5S’ पद्धति से विकसित होगी कार्य संस्कृति-
‘स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार’ अभियान का उद्देश्य सभी कार्यालयों में एवं संस्थानों में कुशल प्रबंधन, स्वच्छता, कार्यकुशलता एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदायगी के लिए ‘5S’ पद्धति को व्यवहार में लाया जाना भी है। इसके अंतर्गत ‘Seiri (छँटाई)’ चरण में अनुपयोगी, नाकारा एवं पुरानी फाइलों, सामग्री एवं उपकरणों की पहचान कर उन्हें पृथक् करते हुए नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। ‘Seiton (सुव्यवस्था)’ के तहत आवश्यक फाइलें, अभिलेख एवं उपकरण निर्धारित स्थान पर सुव्यवस्थित रखे जाएंगे तथा अलमारी, रैक, स्टोर एवं डेस्क पर स्पष्ट लेबलिंग की जाएगी। ‘Seiso (स्वच्छता)’ के अंतर्गत कार्यालय कक्षों, बरामदों, स्टोर आदि की नियमित साफ-सफाई कर कार्यस्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं आकर्षक बनाया जाएगा। ‘Seiketsu (मानकीकरण)’ के तहत कार्यालय व्यवस्था, फाइल प्रबंधन एवं स्वच्छता के लिए एकरूप मानक अपनाते हुए नियमित अनुरक्षण की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी, जबकि ‘Shitsuke (अनुशासन)’ के माध्यम से सभी कार्मिकों में स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित कार्य संस्कृति विकसित करते हुए ‘5S’ पद्धति को दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान कुछ कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर शासन सचिव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी को समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कार्मिकों को कार्यालय समय में पहचान पत्र प्रदर्शित करने तथा बायोमीट्रिक उपस्थिति के लिए आवश्यक रूप से रजिस्ट्रेशन करवाने के भी निर्देश दिए।
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admin - awaz rajasthan ki

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