चुनाव आयोग के ऐप में ‘लोधा’ जाति नहींः समाज ने डिजिटल सर्वे में शामिल करने की मांग की

चुनाव आयोग के ऐप में ‘लोधा’ जाति नहींः समाज ने डिजिटल सर्वे में शामिल करने की मांग की
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हंसराज खारोल – कुशायता | लोधा समाज विकास समिति सावर ने मंगलवार को सावर उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। समिति ने चुनाव आयोग के डिजिटल सर्वे ऐप में ‘लोधा’ जाति को शामिल करने की मांग की है, क्योंकि वर्तमान में ऐप में इस जाति का विकल्प मौजूद नहीं है।
ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान में चुनाव आयोग बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से जातिगत जनगणना का डिजिटल सर्वे करवा रहा है। इस ऐप की सूची में 91 जातियों का विवरण है, लेकिन ‘लोधा’ जाति का कहीं भी उल्लेख नहीं है। ऐप में केवल ‘लोधी’ शब्द का विकल्प दिया गया है।

समिति ने बताया कि ‘लोधा’ जाति राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में शामिल है और सरकार द्वारा इसी श्रेणी के प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। ऐप में इस त्रुटिपूर्ण अनुपस्थिति के कारण संपूर्ण राजस्थान के लोधा समाज में रोष व्याप्त है।

समाज के अनुसार, नाम उल्लिखित न होने से भविष्य में लोधा जाति के लोगों को नौकरियों में आरक्षण और जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसे उनके अधिकारों का हनन माना जा रहा है।

समिति ने उपखंड अधिकारी से शीघ्र ऐप में संशोधन करवाकर ‘लोधा’ नाम का उल्लेख करने का निवेदन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ऐप में ‘लोधा’ शब्द नहीं जोड़ा जाता, लोधा समाज के लोग इस सर्वे का विरोध करेंगे। इससे ओबीसी आयोग का कार्य भी बाधित होगा।

ये लोग रहे मौजूद

इस दौरान सावर लोधा समाज विकास संस्थान के सदस्य अम्बालाल लोधा, रामधन लोधा, कन्हैया लाल लोधा, रामस्वरूप लोधा, जीवराज लोधा, मेवालाल लोधा, रतन लाल लोधा, दुर्गा लाल लोधा, कैलाश लोधा, मेवाराम लोधा, जगदीश प्रसाद लोधा, धर्मराज लोधा, मदन लाल लोधा, रामकिशन लोधा, रामदेव लोधा, ओमप्रकाश लोधा, पप्पू लोधा और कालूराम लोधा सहित कई लोग मौजूद रहे।

Vijay Kumar Parashar

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