ग्राम पंचायत तिलाना में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला, जहाँ

ग्राम पंचायत तिलाना में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला, जहाँ
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सफलता की कहानी
​ग्रामीण सेवा शिविर-2026

​तिलाना शिविर में दूर हुई वर्षों की कानूनी अड़चन

काश्तकार भाइयों की कृषि भूमि की मौके पर ही खुली विरासत, खिले चेहरे
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राजस्थान सरकार द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों और किसानों को उनके ही गाँव में पारदर्शी व त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 काश्तकारों के लिए बेहद वरदान साबित हो रहे हैं।

ऐसा ही एक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का मिसाल पेश करने वाला मामला जिले के उपखण्ड नसीराबाद की पंचायत समिति श्रीनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलाना में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला, जहाँ पिछले 24 वर्षों से लंबित एक भूमि विरासत के प्रकरण का मौके पर ही सुखद निस्तारण किया गया।
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ग्राम तिलाना निवासी काश्तकार श्री गोपाल, श्री सुखपाल, श्री लालाराम एवं श्री सुवा के पिता श्री काना (पुत्र गंगाराम) का देहांत वर्ष 2002 में हो गया था। पिता के निधन के बाद से ही, उचित जानकारी के अभाव और आवश्यक कागजी दस्तावेज पूरे न हो पाने के कारण, उनके पिता के नाम दर्ज कृषि भूमि का नामान्तरण (विरासत) दर्ज नहीं हो पा रहा था। इसके चलते भाइयों के बीच भूमि के वैधानिक अधिकारों को लेकर पिछले दो दशकों से अधिक समय से चिंता बनी हुई थी।
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ग्राम तिलाना में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान सभी काश्तकार भाई आवश्यक दस्तावेज लेकर राजस्व विभाग के काउंटर पर पहुँचे और अपनी समस्या रखी।
​शिविर में मौजूद राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मामले की गंभीरता को समझा।

दस्तावेजों का मिलान करने के बाद, उपखण्ड अधिकारी नसीराबाद के मार्गदर्शन में राजस्व टीम द्वारा बिना किसी विलंब के मौके पर ही कार्यवाही पूर्ण की गई। टीम ने काश्तकारों के खाता संख्या 390, 665, 666 तथा 667 में दर्ज कृषि भूमि (खेत) की विधिवत विरासत खोलकर नया नामान्तरण दर्ज कर दिया।

​पिछले 24 वर्षों से अटके हुए इस भूमि प्रकरण का शिविर में ही कुछ ही घंटों के भीतर समाधान हो जाने पर सभी काश्तकार भाइयों के चेहरे खुशी से खिल उठे। भू-स्वामित्व के वैधानिक अधिकार मिलने पर काश्तकारों ने बेहद प्रसन्न होकर शिविर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया और खुशी-खुशी अपने घर विदा हुए।

Vijay Kumar Parashar

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