पुष्कर में भारी बारिश से तबाही: 1000 से अधिक घर जलमग्न, टूरिस्ट होटल्स में फंसे, सैकड़ों जानवर बहे

पुष्कर में भारी बारिश से तबाही: 1000 से अधिक घर जलमग्न, टूरिस्ट होटल्स में फंसे, सैकड़ों जानवर बहे
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तीर्थराज पुष्कर (अजमेर), 15 जुलाई —
राजस्थान के विश्वविख्यात तीर्थ स्थल पुष्कर में शुक्रवार को भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। बीते 24 घंटों में 4 इंच से अधिक बारिश के बाद शहर का अधिकांश हिस्सा 5 से 6 फीट पानी में डूब गया है।
करीब 1000 घरों और 100 से अधिक होटल में पानी घुस गया। सैकड़ों जानवर बह गए और कई टूरिस्ट होटल्स में फंस गए, जिनका सिविल डिफेंस टीमों द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है।

सरोवर उफान पर, घाट डूबे, रास्ते बंद

शुक्रवार सुबह वराह घाट, नरसिंह घाट, माली मोहल्ला, मिश्रा मोहल्ला और गुरुद्वारा क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न नजर आए। पुष्कर सरोवर का जलस्तर 27 फीट पार कर गया, जिससे घाट की सीढ़ियां तक पानी में समा गईं। स्थानीय बिजली आपूर्ति ठप है और मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हो गया है।

होटलों से गेस्ट का रेस्क्यू, दुकानों में नुकसान

सावित्री मार्ग, बड़ी पुलिया और नाला इलाका जैसे क्षेत्रों में 4-6 फीट तक पानी भर गया। सिविल डिफेंस की टीम ने 5 होटलों को खाली कराते हुए टूरिस्ट्स को ऊपरी मंजिलों या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। एक दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान में 3-4 फीट पानी भर गया और प्रतिदिन ₹30,000 तक का नुकसान हो रहा है।

गलत शहरी विकास बना कारण, 1975 जैसी तबाही

स्थानीय निवासी विनोद पाराशर के अनुसार, जहां पहले जल निकासी होती थी वहां अवैध निर्माण हो चुका है, जिससे अब पानी शहर में घुस जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता अरुण पाराशर ने कहा कि 1975 की बाढ़ के बाद यह सबसे बड़ा जल संकट है। उस समय भी पुष्कर और अजमेर में इसी तरह की बर्बादी हुई थी।

Vijay Kumar Parashar

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