दादा गुरु की समाधि नगरी नसीराबाद में प्रथम बार मंगल आगमन

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दादा गुरु की समाधि नगरी नसीराबाद में प्रथम बार मंगल आगमन

नसीराबाद अनिल लोहरे
नसीराबाद की पावन धरा, जिसे दादा गुरु की समाधि नगरी के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है, वहां पहली बार संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री निष्पक्ष सागर जी एवं मुनि श्री निस्पृह सागर जी महाराज का मंगल आगमन होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक अवसर को लेकर दिगम्बर जैन समाज में विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
दिगम्बर जैन युवा परिषद के अध्यक्ष श्री निहालचंद बड़जात्या ने जानकारी देते हुए बताया कि मुनिश्री के मंगल आगमन हेतु नसीराबाद दिगम्बर जैन समाज का एक प्रतिनिधि मंडल केकड़ी पहुंचा, जहां उन्होंने विनम्रतापूर्वक नसीराबाद स्थित दादा गुरु की समाधि पर पधारने का आग्रह किया, जिसे मुनिश्री ने सहर्ष स्वीकार किया।
इस प्रतिनिधि मंडल में प्रेम अजमेरा, विजय गदिया, अजय बाकलीवाल, विनोद पाटनी, शेखर बड़जात्या, ओम बड़जात्या, विकास सेठी, अरुण पाटनी एवं अजीत गोधा सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
श्री बड़जात्या ने बताया कि 21 जुलाई को मुनिश्री के स्वागत हेतु सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मुनिश्री का भव्य स्वागत बैंड-बाजों एवं ढोल-नगाड़ों के साथ किया जाएगा तथा उन्हें सदर बाजार स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर तक शोभायात्रा के रूप में लाया जाएगा।
यह मंगल आगमन नसीराबाद के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक सौभाग्य का क्षण होगा, जिसमें समस्त जैन समाज सहित नगरवासी बड़ी संख्या में सहभागी बनेंगे।

Vijay Kumar Parashar

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