मनरेगा में फर्जी हाजिरी पर सख्ती: 23 फरवरी से एआई आधारित फेस रीडिंग प्रणाली का ट्रायल
जयपुर (प्रतीक पाराशर)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में फर्जी हाजिरी और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित फेस रीडिंग प्रणाली लागू करने जा रही है। इसके तहत 23 फरवरी से देशभर में एक साथ ट्रायल शुरू किया जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली को अपग्रेड कर एआई वर्जन तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति अब डिजिटल फेस स्कैनिंग से दर्ज होगी।
नई प्रणाली के तहत संबंधित कर्मचारी मोबाइल फोन से श्रमिक का वीडियो रिकॉर्ड करेगा। श्रमिक को कैमरे के सामने खड़े होकर चार से पांच बार पलक झपकानी होगी। एआई तकनीक चेहरे और आंख की पुतली को स्कैन कर आधार डाटा से मिलान करेगी। इसके बाद अपलोड की गई तस्वीर का मस्टररोल में दर्ज विवरण से स्वतः मिलान होगा और कार्यस्थल की फोटो भी ली जाएगी। यदि विवरण से मिलान नहीं होता है तो संबंधित श्रमिक की उपस्थिति स्वतः निरस्त हो जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से केवल पंजीकृत और वास्तविक श्रमिकों की ही उपस्थिति दर्ज होगी। पूर्व में गैर-मजदूरों के नाम पर भुगतान और फर्जी हाजिरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। एआई आधारित इस हाईटेक मॉनिटरिंग प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी तथा सरकारी धन के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।