रामचन्द्र चौधरी का बड़ा फैसला: अजमेर डेयरी ने 9.75 रु. प्रति फैट से रचा इतिहास, जल्द 10 रु. करने की तैयारी*
* रामचन्द्र चौधरी का बड़ा फैसला: अजमेर डेयरी ने 9.75 रु. प्रति फैट से रचा इतिहास, जल्द 10 रु. करने की तैयारी*
* ज्वार बीज की भारी मांग: 200 क्विटल तुरंत खत्म, 300 क्विटल और मंगाने के आदेश*
* डीबीटी सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब रील कंपनी सीधे भेजेगी आंकड़े* 75 करोड़ बकाया भुगतान को लेकर सरकार पर दबाव तेज
अजमेर। अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. (अजमेर डेयरी) के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी के नेतृत्व में दुग्ध उत्पादकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए 1 अप्रैल से दूध का क्रय मूल्य 9.75 रुपये प्रति फैट लागू कर दिया गया है। यह दर न केवल राजस्थान बल्कि देशभर में सबसे अधिक मानी जा रही है, जिससे अजमेर डेयरी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चौधरी ने स्पष्ट किया कि आर.सी.डी.एफ से अनुमति मिलते ही इस दर को बढ़ाकर 10 रुपये प्रति फैट करने के आदेश भी जल्द जारी कर दिए जाएंगे।
चौधरी ने बताया कि जिले में सूखे भूसे और कुट्टी के बढ़ते दामों को देखते हुए पशुपालकों को हरे चारे के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी के तहत अब तक 500 क्विटल एस.एस.जी ज्वार बीज 40 रुपये प्रति किलो की दर से वितरित किया जा चुका है। आज 200 क्विटल ज्वार बीज की नई खेप आई, जो उसी दिन समाप्त हो गई। पशुपालकों की बढ़ती मांग को देखते हुए 300 क्विटल और ज्वार बीज मंगवाने के आदेश दिए गए हैं, तथा आवश्यकता पड़नेपर 200 क्विटल और तुरंत मंगवाया जाएगा। जिले में कुल 1000 क्विटल ज्वार बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे हरे चारे की उपलब्धता बढ़ेगी और दूध उत्पादन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अंतर्गत मिलने वाली 5 रुपये प्रति फैट की प्रोत्साहन राशि के लिए अब आंकड़े समितियों के बजाय सीधे रील कंपनी द्वारा आर.सी.डी.एफ को भेजे जाएंगे। हाल ही में प्रबन्ध संचालक आर.सी.डी.एफ, जयपुर एवं रील कंपनी के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। मार्च माह के लंबित आंकड़े भी समितियों से एकत्रित कर रील कंपनी द्वारा भेजे जाएंगे, जिससे भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी। रामचन्द्र चौधरी ने बताया कि अजमेर डेयरी ने गत सहकारी वर्ष में भी प्रदेश और देश में सर्वोच्च क्रय दर बनाए रखते हुए लगभग 10 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। यह उपलब्धि डेयरी की मजबूत कार्यप्रणाली और पशुपालकों के विश्वास को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने आर.सी.डी.एफ के प्रबन्ध संचालक एवं पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत से मुलाकात कर अजमेर डेयरी के मिड-डे-मील एवं आंगनबाड़ी योजना के पिछले डेढ़ वर्ष से लंबित लगभग 75 करोड़ रुपये के भुगतान को शीघ्र जारी कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह बकाया राशि लंबे समय से अटकी हुई है, जिससे डेयरी पर करोड़ों रुपये का ब्याज भार बढ़ रहा है और समय पर भुगतान में कठिनाई हो रही है। इसके साथ ही चौधरी ने आर.सी.डी.एफ एवं राज्य सरकार से प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के चुनाव समय पर करवाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 33 हजार सहकारी समितियों के चुनाव लंबित हैं और सरकार को सहकारिता को मजबूती देने के लिए जल्द चुनाव करवाने चाहिए।