किसान अब सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहेंगे। PMFME योजना के जरिए वे अपना खुद का फूड प्रोसेसिंग कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
PMFME योजना से अजमेर के किसान बन रहे उद्यमी, गुलाब आधारित उद्योगों को मिली रफ्तार
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किसान अब सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहेंगे। PMFME योजना के जरिए वे अपना खुद का फूड प्रोसेसिंग कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यह बात भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल ने अजमेर कृषि उपज मंडी में किसानों और व्यापारियों से संवाद के दौरान कही
देवेश देवल ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इसका मकसद छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को 35% तक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज देकर मजबूत करना है। इससे गाँव स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा।
अजमेर का ODOP: गुलाब
राजस्थान एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के डायरेक्टर राजेश चौहान ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत अजमेर के लिए गुलाब को चुना गया है। गुलकंद, गुलाब जल, शरबत, इत्र और सूखी पंखुड़ियों से जुड़ी इकाइयों को PMFME के तहत प्राथमिकता मिल रही है। इससे पुष्कर-अजमेर बेल्ट के हजारों गुलाब उत्पादकों को सीधा फायदा हो होगा
योजना से लाभान्वित किसानों और उद्यमियों को मौके पर ही सब्सिडी के चेक सौंपे गए। ईस दौरान उपस्थित अधिकारियों, किसानों-व्यापारियों से योजना को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मांगे गये संवाद बैठक में अजमेर के साथ नागौर, भीलवाड़ा और टोंक जिलों की कृषि मंडियों के सचिव, जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी, FPO प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान-व्यापारी मौजूद रहे।
PMFME योजना एक नजर में
- लाभार्थी: व्यक्तिगत उद्यमी, SHG, FPO, सहकारी समितियाँ
- वित्तीय मदद: प्रोजेक्ट लागत का 35%, अधिकतम 10 लाख रुपये तक सब्सिडी
- अन्य सपोर्ट: ODOP उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, प्रशिक्षण
संयुक्त सचिव देवल ने अंत में कहा कि यह योजना ‘वोकल फॉर लोकल’ को जमीनी हकीकत बना रही है। अजमेर का गुलाब अब सिर्फ खुशबू नहीं, किसानों की समृद्धि की पहचान बनेगा।
कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के जॉइंट सेक्रेटरी देवेश देवल, राजस्थान एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के डायरेक्टर राजेश चौहान, जॉइंट डायरेक्टर बलवीर मीणा, किशनगढ़ मंडी सचिव ओम प्रकाश चौधरी, चीफ जिला रिसोर्स पर्सन अजेंद्र सिंह, मंडी सचिव निवाई डॉ. कमल किशोर सोनी, एडिशनल मंडी सचिव मालपुरा (टोंक) प्रियंका गर्ग, सचिव देवली कुलदीप सिंह मीणा, दूनी सचिव मुस्कान नरेडा, जैतारण मंडी सचिव आरती, कृषि मंडी सचिव ब्यावर बनवारी लाल माथुर एवं कृषि उपज अनाज मंडी के सचिव महेश शर्मा, सहित बिजयनगर मंडी सचिव नवीन विश्नोई,
मंडियों के पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सवांद कार्यक्रम मे बडी संख्या में व्यापारी एवं उद्यमी मौजूद रहे। पीएमएफएमई योजना के लाभान्वित सत्यनारायण कानावत, अर्जुन पलारिया, महेश शर्मा, नेमीचंद कुमावत, प्रकाश कुमावत, सुरेंद्र कुमार सहित अन्य व्यापारी एवं उद्यमियों ने भाग लिया!
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के उद्देश्यों, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापारियों एवं उद्यमियों को मिलने वाले लाभ, स्वरोजगार एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही योजना के संचालन में आ रही कमियों, व्यावहारिक समस्याओं एवं जिन क्षेत्रों में कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है, उन बिंदुओं पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला के दौरान पीएमएफएमई योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के चेक वितरित किए गए तथा उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर लाभार्थियों ने योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे स्वरोजगार एवं उद्योग विकास के लिए उपयोगी बताया।