मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में डेयरी विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठकडेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सशक्त धुरी, किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि का आधार

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में डेयरी विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठकडेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सशक्त धुरी, किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि का आधार
Spread the love

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में डेयरी विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक
डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सशक्त धुरी, किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि का आधार
प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मिले विस्तार, सरस को बनाएं राष्ट्रीय ब्रांड

  • मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा
  • प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सरस आउटलेट खोलने के हो प्रयास
  • मिलावट के विरूद्ध अपनाए जीरो टॉलरेंस की नीति, लापरवाही बरतने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
    -दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण अवसंरचना का हो सुदृढ़ीकरण

जयपुर, । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सशक्त धुरी है, जो किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि का आधार बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिलता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं।

श्री शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में डेयरी क्षेत्र के विकास को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य है। ऐसे में प्रदेश में डेयरी द्वारा दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ लक्ष्य निर्धारित करते हुए औसत दुग्ध संकलन एवं दुग्ध सहकारी समितियों का विस्तार किया जाए।

सरस उत्पादों की हो व्यापक ब्रांडिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में 2000 हजार करोड़ रुपये के राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी इंफ्रास्टक्चर डवलपमेंट फंड एवं सरस को राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में स्थापित किए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर के साथ ही प्रदेश के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर सरस आउटलेट खोले जाने की संभावनाएं तलाशी जाए। उन्होंने कहा कि डेयरी उत्पादों की व्यापक ब्रांडिंग भी की जाए।

उत्पादों में रखे उच्च गुणवत्ता, करें औचक निरीक्षण

श्री शर्मा ने कहा कि दुग्ध उत्पादों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मिलावट के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए औचक निरीक्षण किए जाए एवं इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, अत्याधुनिक मिल्क टेस्टिंग मशीन एवं रियल टाईम मॉनिटरिंग सिस्टम का सुदृढ़ीकरण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सहकार से समृद्धि के ध्येय के साथ कार्य कर रही है। सहकारिता एवं डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने से किसानों को मजबूती मिल रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त विभागीय योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी एवं सुगम तरीके से दुग्ध उत्पादकों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाया जाए। साथ ही, तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए डेयरी क्षेत्र को और अधिक संगठित एवं प्रतिस्पर्धी बनाया जाए।

बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से आरसीडीएफ के मुनाफे में वृद्धि हो रही है। वर्तमान में आरसीडीएफ के औसत दुग्ध संकलन से लेकर दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता, दुग्ध उत्पादों के विपणन एवं विविधकरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

इस दौरान पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

admin - awaz rajasthan ki

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *