वनाधिकार पट्टों की राजस्व रिकॉर्ड जारी करने के लिए चलाया जाएगा अभियान

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मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों का हो रहा सर्वांगीण विकास

  • वनाधिकार पट्टों की राजस्व रिकॉर्ड जारी करने के लिए चलाया जाएगा अभियान
  • महिला, युवा रोजगार एवं बालिका शिक्षा पर विशेष जोर

जयपुर, 6 अप्रेल। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजाति समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में राजस्थान सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बजट वर्ष 2026-27 में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की है। राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में किसान, महिला, युवा एवं बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तीकरण के साथ ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

वनाधिकार पट्टों का सुदृढ़ीकरण और ऋण सुविधा—
राज्य सरकार द्वारा जनजाति समाज को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पत्र जारी करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन वनाधिकार पट्टों की राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की इस पहल से जनजाति क्षेत्र के किसानों को उनकी भूमि पर पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा और वे बैंकों से सुगमतापूर्वक ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

ग्रामदानी गांवों के किसानों को मिलेंगे खातेदारी अधिकार—
प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों डूंगरपुर और बांसवाड़ा के राजस्थान ग्रामदानी अधिनियम से शासित गांवों के किसानों के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। वर्तमान में इन किसानों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में अंकित नहीं होने के कारण वे सरकारी लाभों से वंचित रहते हैं। बदली हुई आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ग्रामदानी अधिनियम में संशोधन कर इन गांवों के किसानों को खातेदारी अधिकार प्रदान करेगी, जिससे उन्हें बैंक ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

कृषि उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि—
जनजाति क्षे़त्रों में कृषि को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए भी सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखा रही है। कांगनी, कोदो, सांवा, कुटकी, चीना और रागी जैसे मिलेट्स की मांग को देखते हुए 100 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रदर्शनी आयोजित किए जाएंगे, जिससे एक हजार कृषक लाभान्वित होंगे। साथ ही फसल उत्पादन में वृद्धि के लिए 85 करोड़ रूपये के व्यय से 8 लाख 50 हजार जनजाति कृषकों को गुणवत्तापूर्ण बीज संकर मक्का बीज मिनीकिट उपलब्ध करवाये जायेंगे।

महिला सशक्तीकरण एवं बालिका शिक्षा—
सहरिया, खैरवा (बारां) और कथौड़ी (उदयपुर) जनजाति परिवारों के लिए सहायता प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। अब खाद्य सामग्री के स्थान पर पात्र परिवारों की महिला मुखिया को 1200 रुपये प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे। इस योजना पर 55 करोड़ रुपये व्यय कर लगभग 38 हजार परिवार लाभान्वित होंगे। वहीं बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, सिरोही जिले में जनजाति बालिकाओं के लिए नया छात्रावास खोला जाएगा।

युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर—
जनजाति युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा विशेष कदम उठाए गए हैं। स्वनिधि योजना अन्तर्गत उन्हें चिन्हित कर ऋण उपलब्ध करवाने हेतु विशेष अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत आगामी वर्ष में 5 हजार युवाओं को अपना उद्यम स्थापित करने हेतु ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा। साथ ही जनजातीय युवकों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने आंवला, शहद, इमली और महुआ जैसे वन उपजों के मूल्य संवर्धन के लिए बांसवाड़ा और उदयपुर में लघु वन उपज प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

आधारभूत संरचना एवं तीर्थ विकास—

जनजाति समाज की आस्था स्थलों के विकास के लिए सरकार संकल्पबद्धता दिखा रही है। सलूम्बर के सोनार माता मंदिर, बांसवाड़ा (आनंदपुरी) के सलाकेश्वर महादेव मंदिर और उदयपुर (झाड़ोल) के रामकुण्डा महादेव मंदिर में सार्वजनिक सुविधाओं और विकास कार्य करवाए जाएंगे। साथ ही, डूंगरपुर के आसपुर क्षेत्र सहित विभिन्न आदिवासी बस्तियों में सड़कों, पुलियाओं और बरसाती नालों के निर्माण से बुनियादी ढांचे को मजबूती दी जाएगी।

admin - awaz rajasthan ki

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