किशनगढ़ कृषि मंडी में व्यापारियों की मनमानी के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल; विधायक विकास चौधरी ने मंडी प्रशासन को लगाई फटकार
किशनगढ़ कृषि मंडी में व्यापारियों की मनमानी के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल; विधायक विकास चौधरी ने मंडी प्रशासन को लगाई फटकार
विधायक ने मानवता की मिसाल पेश की मंडी में उपज बेचने आई डीडंवाडा निवासी दलित समाज की महिला किसान के घायल होने पर खुद की गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत अन्नदाताओं के लिए राहत की की मांग
किशनगढ़। स्थानीय कृषि उपज मंडी में आज उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया जब अपनी उपज बेचने आए किसानों ने मंडी प्रशासन और व्यापारियों की कथित मनमानी व कुप्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। व्यापारियों द्वारा किसानों के हितों की अनदेखी किए जाने से आक्रोशित किसानों ने मंडी परिसर के मुख्य द्वार पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी तुरंत मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याओं को सुना। किसानों का पक्ष जानने के बाद विधायक ने मौके पर ही मंडी प्रशासन के अधिकारियों और व्यापारी प्रतिनिधियों से किसानों के पक्ष में समझाइश की।
प्रशासनिक सुस्ती पर प्रहार: विधायक चौधरी ने मंडी प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार तुरंत होना चाहिए। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार करना और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को झेलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रकृति की मार और शासन का रवैया: विधायक ने भावुक होते हुए कहा, “हमारा किसान पहले से ही बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से टूट चुका है। ऐसे कठिन समय में किसान को संबल देने के बजाय आज शासन और प्रशासन उसे परेशान कर रहा है, जो बेहद निंदनीय है।”
व्यापारियों से भी सहयोग की अपील की।
किसानों की मांगें:
धरना दे रहे किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में न तो सही समय पर तुलाई हो रही है और न ही व्यापारियों द्वारा उचित भाव दिया जा रहा है। साथ ही, मंडी परिसर में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया।
कार्रवाई का आश्वासन:
विधायक डॉ. विकास चौधरी के कड़े रुख और मंडी प्रशासन को दी गई ‘डेडलाइन’ के बाद प्रशासन ने व्यवस्थाओं को सुचारू करने का आश्वासन दिया। विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसानों को दोबारा ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
”किसान इस देश का अन्नदाता है। यदि उसे उसकी मेहनत का फल देने में प्रशासन या व्यापारी बाधा उत्पन्न करेंगे, तो मैं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आखिरी दम तक लड़ूंगा।”
विधायक ने दिखाई दरियादिली: घायल महिला को पहुंचाया अस्पताल
धरना प्रदर्शन के दौरान ही मंडी में अपनी उपज बेचने आई डीडवाड़ा गांव निवासी एक दलित समाज की महिला किसान का पैर फिसलने से वह गंभीर रूप से चोटिल हो गई। मौके पर मौजूद विधायक डॉ. विकास चौधरी ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए राजनीति और प्रोटोकॉल को किनारे रख दिया। उन्होंने स्वयं घायल महिला को सहारा देकर अपनी निजी गाड़ी में बिठाया और अस्पताल पहुंचाया। विधायक ने न केवल उसका उपचार करवाया, बल्कि उपचार के पश्चात उसे सुरक्षित उसके ट्रैक्टर तक भी छोड़ा।
डॉ. विकास चौधरी ने कहा:
”किसान पहले से ही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की मार झेल रहा है। ऐसे में शासन-प्रशासन की लापरवाही बर्दाश्त से बाहर है। आज हुई सहमति किसानों की जीत है। हम सुनिश्चित करेंगे कि प्लेटफॉर्म खाली हों और किसानों को अन्य मंडियों के मुकाबले श्रेष्ठ दाम मिलें।”
किशनगढ़ कृषि मंडी की बदहाली और व्यवस्थाओं को लेकर विधायक चौधरी ने धरना समाप्त होते ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखा और तुरंत विभिन्न मुद्दों पर किसानों को राहत देने की मांग रखी।