एसीएस आलोक गुप्ता का अजमेर दौरा: एडीए की जमीनों से अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश
अजमेर – नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) आलोक गुप्ता के शुक्रवार को अजमेर दौरे ने प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज कर दी है। अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उन्होंने अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) के कामकाज की गहन समीक्षा की और शहर के विकास कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों के साथ हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और चल रहे प्रोजेक्ट्स की जमीनी हकीकत परखी गई, जिसमें आम जनता की सहूलियत से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में सबसे ज्यादा जोर शहर में बढ़ते अतिक्रमण और सरकारी जमीनों की सुरक्षा पर रहा। एसीएस आलोक गुप्ता ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए हैं कि एडीए की संपत्तियों और जमीनों को तुरंत चिह्नित किया जाए और वहां से हर हाल में अतिक्रमण हटाया जाए। इसके अलावा, उन्होंने आमजन की परेशानियों को प्राथमिकता देते हुए कहा कि ‘राजस्थान संपर्क पोर्टल’ पर आने वाली शिकायतों को फाइलों में उलझाने के बजाय उनका त्वरित निस्तारण किया जाए, ताकि जनता को समय पर उचित राहत मिल सके।
शहर के बुनियादी ढांचे और सड़कों की स्थिति को लेकर भी एसीएस ने अपनी सख्ती जाहिर की। एडीए द्वारा बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता के साथ समझौता करने वाले और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और एडीए के बीच आपसी तालमेल की कमी के सवाल पर भी उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों को आपसी सामंजस्य बिठाकर शहर के विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए।
अजमेर में एडीए की नवनिर्मित बिल्डिंग के निर्माण में बरती गई कथित लापरवाही का मुद्दा भी इस दौरे में प्रमुखता से उठा। मीडिया से बातचीत करते हुए आलोक गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस नवनिर्मित सरकारी इमारत के निर्माण में अगर किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही या अनियमितता हुई है, तो उसकी बारीकी से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि जांच के दौरान जो भी अधिकारी या ठेकेदार दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।