‘कलम की चूक’ ने किसानों के पसीने की कमाई पर पानी फेरा।



गलत गिरदावरी किसान तुला नहीं पा रहे अपनी मेहनत का माल।
ऑनलाइन सिस्टम और राजस्व विभाग की ‘भूल’ ने किसानों को किया बेहाल।
कौड़ियों के भाव उपज बेचने को मजबूर सैकड़ों किसान। शाहपुरा, 17 अप्रैल 2026। स्थानीय कृषि उपज मंडी में केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं और चने की खरीद तो शुरू कर दी गई है, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी और तकनीकी खामियों ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है।
राजस्व विभाग की घोर लापरवाही: गलत गिरदावरी के कारण नहीं तुला पा रहे माल: किसानों की सबसे बड़ी मुसीबत गलत गिरदावरी बनी है। राजस्व विभाग की घोर लापरवाही के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानो के यह आरोप:- अंदाजे से भरी जिंसवारी: आरोप है कि पटवारियों ने मौके पर जाकर मुआयना करने के बजाय दफ्तर में बैठकर फसलों का नाम दर्ज कर दिया।
पोर्टल पर गलत डेटा: पोर्टल पर दर्ज फसल और किसान द्वारा लाई गई फसल का मिलान नहीं हो रहा है। उदाहरण के तौर पर, खेत में चना बोया गया है, लेकिन पोर्टल पर सरसों या अन्य फसल दर्ज है। समर्थन मूल्य से वंचित: फसल मैच न होने के कारण तुलाई केंद्रों ने माल लेने से मना कर दिया है, जिससे किसान व्यापारियों को कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं।
कर्मचारियों का पक्ष:- 15 दिन में गिरदावरी का दबाव: सूत्रों के अनुसार, गिरदावरी की प्रक्रिया में देरी ऊपर से मिले आदेशों के कारण हुई। सूत्रों का तर्क है कि एक पंचायत में सैकड़ों खातेदार होते हैं और महज 15 दिन में गिरदावरी के साथ अन्य राजस्व कार्य करना संभव नहीं है। यदि फसल बुवाई के कुछ समय बाद ही आदेश मिलें, तो ऐसी त्रुटियों से बचा जा सकता है।
जन सुनवाई में पहुंचे किसान, गूंजा मुद्दा:- गुरुवार को दिन में पंचायत समिति शाहपुरा में आयोजित जन सुनवाई में प्रहलाद जाट, जय किशन जाट और कमला देवी, भागचंद जैसे कई काश्तकारों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद रैगर, एसडीएम सुनील कुमार मीणा, तहसीलदार भिवराव सिंह के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। किसानों का आरोप था कि धरातल पर राजस्व विभाग की ‘कलम की चूक’ हम किसानों के पसीने की कमाई पर पानी फेर रही है। बाद में पटवारी की हस्तलिखित रिपोर्ट में सुधार के बावजूद तुलाई केंद्र माल स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
इनका कहना है:- प्रदेश भर में ऐसी शिकायतें मिलने के बाद राजस्थान रेवेन्यू बोर्ड ने आदेश जारी किए हैं। तहसीलदार के निर्देशन में गलत जिंसवारी वाले मामलों की जांच की जाएगी और सही पाए जाने पर पोर्टल पर नए सिरे से डेटा अपडेट किया जाएगा।– प्रकाश चंद रैगर, अतिरिक्त जिला कलक्टर, शाहपुरा