डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारी अजमेर में फील्ड ट्रेनर्स का गहन प्रशिक्षण प्रारंभभारत की पहली पेपरलेस जनगणना के लिए मास्टर ट्रेनर्स ने सिखाए डिजिटल एप और जियो टैगिंग के गुरडेटा की शुद्धता और गोपनीयता में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगा प्रशासन- उप जिला जनगणना अधिकारी

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डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारी अजमेर में फील्ड ट्रेनर्स का गहन प्रशिक्षण प्रारंभ
भारत की पहली पेपरलेस जनगणना के लिए मास्टर ट्रेनर्स ने सिखाए डिजिटल एप और जियो टैगिंग के गुर
डेटा की शुद्धता और गोपनीयता में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगा प्रशासन- उप जिला जनगणना अधिकारी

अजमेर, 20 अप्रैल। भारत की पहली पूर्णतः पेपरलेस और डिजिटल जनगणना 2027 के सटीक एवं त्रुटिरहित क्रियान्वयन के लिए अजमेर जिला प्रशासन द्वारा जमीनी तैयारियां युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी श्रृंखला में सोमवार को फील्ड ट्रेनर्स के दूसरे बैच का प्रथम दिवसीय गहन तकनीकी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक एवं उप जिला जनगणना अधिकारी श्री फूल सिंह ने प्रशिक्षण का विधिवत शुभारम्भ करते हुए इसे राष्ट्र के भविष्य की विकास योजनाओं के लिए आधारभूत स्तम्भ बताया।

प्रशिक्षण के दौरान उप जिला जनगणना अधिकारी ने फील्ड ट्रेनर्स को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस महाअभियान में डेटा एकत्रीकरण की शुद्धता सर्वाेपरि है। उन्होंने कहा कि जनगणना एक अति-महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसमें तकनीकी अथवा मानवीय भूल के लिए शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को भारत के महारजिस्ट्रार द्वारा जारी नियमावली और डेटा गोपनीयता के प्रावधानों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षण सत्र में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने संभागियों को आधुनिक डिजिटल उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक ज्ञान दिया। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री समीर शर्मा एवं राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर श्री युधिष्ठर प्रसाद वर्मा ने एचएलओ मोबाइल एप, मकानसूचीकरण और सीएमएमएस पोर्टल के संचालन की बारीकियां समझाईं। उन्होंने फील्ड में आने वाली वास्तविक चुनौतियों, नेटवर्क की समस्या, जियो टैगिंग की तकनीकी अड़चनें और उनके तुरंत समाधान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सहायक सांख्यिकी अधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह शेखावत ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनगणना के इस डिजिटल महायज्ञ में तकनीक और फील्ड कार्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना ही मुख्य लक्ष्य है। प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी पहलुओं के साथ उत्तरदाताओं से संवाद के दौरान सेवा भाव, शिष्टाचार और आमजन की सूचनाओं की पूर्ण गोपनीयता बनाए रखने के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर जिला जनगणना प्रकोष्ठ की टीम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

admin - awaz rajasthan ki

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