नई शिक्षा नीति के अनुरूप दक्षता आधारित एवं छात्र-केंद्रित मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने पर जोर

नई शिक्षा नीति के अनुरूप दक्षता आधारित एवं छात्र-केंद्रित मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने पर जोर
Spread the love

परख टैक्सोनॉमी आधारित प्रश्नपत्र निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ

नई शिक्षा नीति के अनुरूप दक्षता आधारित एवं छात्र-केंद्रित मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने पर जोर

अजमेर, 7 जुलाई। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नई शिक्षा नीति के अनुरूप दक्षता आधारित एवं छात्र-केंद्रित मूल्यांकन प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से परख टैक्सोनॉमी आधारित प्रश्नपत्र निर्माण की पांच दिवसीय कार्यशाला का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियों, प्रश्नपत्र निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया तथा बहुविकल्पीय प्रश्नों के प्रभावी निर्माण पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि बोर्ड सचिव श्रीमती नीतू यादव ने किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक लचीला, समग्र, कौशल आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है। भारत को वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रश्नपत्रों का निर्माण भी नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों में केवल ज्ञान का परीक्षण ही नहीं, बल्कि बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण एवं मूल्यांकन जैसे उच्च स्तरीय अधिगम कौशलों का समावेश होना चाहिए। इसी उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

कार्यशाला में निदेशक (शैक्षिक) श्रीमती उषा कच्छावा ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं आगामी सत्रों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को दक्षता आधारित प्रश्नपत्र निर्माण की व्यवहारिक समझ विकसित कराई जाएगी।

प्रथम तकनीकी सत्र में प्रधानाचार्य डॉ. राकेश कटारा ने शिक्षा नीति-1986, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ)-2005, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा एनसीएफ-2023 के विकास क्रम पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में प्रदर्शन एवं दक्षता आधारित मूल्यांकन (Performance & Competency Based Evaluation) की आवश्यकता और महत्व को रेखांकित किया।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) श्रीमती दर्शना शर्मा ने मूल्यांकन की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए दक्षता आधारित मूल्यांकन प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रश्नपत्र निर्माण के चार प्रमुख आधार-वैधता, विश्वसनीयता, निष्पक्षता एवं व्यवहार्यता को गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन की आधारशिला बताते हुए शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञ डॉ. मनोज उपाध्याय एवं श्री योगेश कुमार मिश्र ने बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) के त्रुटिरहित एवं प्रभावी निर्माण की तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को निर्धारित प्रारूप के अनुसार बहुविकल्पीय प्रश्न तैयार कराने का अभ्यास भी कराया गया।

कार्यशाला के प्रथम दिवस राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं आधुनिक मूल्यांकन सिद्धांतों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने शिक्षण व्यवस्था और मूल्यांकन प्रणाली को अधिक व्यावहारिक, निष्पक्ष तथा छात्र-केंद्रित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रथम दिन हिन्दी, अंग्रेजी एवं संस्कृत विषय के लगभग 58 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री प्रवीण शर्मा, सहायक निदेशक श्रीमती सुशीला गोकलानी तथा जनसंपर्क अधिकारी श्री राजीव चतुर्वेदी सहित बोर्ड के अधिकारी एवं प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित रहे।

admin - awaz rajasthan ki

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *