पंचायती राज विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: अजमेर जिले से जुड़े कई अधिकारी इधर से उधर,
पंचायती राज विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: अजमेर जिले से जुड़े कई अधिकारी इधर से उधर,
जयपुर, 10 जुलाई 2026। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) ने राजस्थान ग्रामीण विकास राज्य सेवा के 144 अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव (प्रथम) ब्रजेश कुमार चांडोलिया द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 2(1)परावि/प्रशा.1/आरआरडीएस/संस्था/स्था./पद./2026-85629 के तहत यह स्थानांतरण राज्यहित में तत्काल प्रभाव से किए गए हैं। इनमें अजमेर जिले से जुड़े छह अधिकारी बाहर गए हैं और दो अधिकारी अजमेर में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
अजमेर से बाहर गए अधिकारी
- मुकेश जैमन, जो राजीविका अजमेर में जिला परियोजना प्रबंधक थे, अब चित्तौड़गढ़ जिले की बैंगू पंचायत समिति में विकास अधिकारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किए गए हैं।
- सुधीर कुमार पाठक को अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति से हटाकर ब्यावर जिले की जवाजा पंचायत समिति में विकास अधिकारी बनाया गया है। यह पद श्री बलराम मीणा के स्थान पर रिक्त हुआ था।
- महेश चौधरी, श्रीनगर पंचायत समिति (अजमेर) के विकास अधिकारी, अब टोंक जिले की मालपुरा पंचायत समिति में रिक्त पद पर पदस्थापित हुए हैं।
- सीमा गौड़, पंचायत प्रशिक्षण केंद्र अजमेर की प्राचार्य, अब नागौर जिले की भैरून्दा पंचायत समिति में विकास अधिकारी के रिक्त पद पर भेजी गई हैं।
- अर्जुन सिंह, भिनाय पंचायत समिति (अजमेर) के विकास अधिकारी, अब राजसमंद जिले की खमनोर पंचायत समिति में श्री हनुवीर सिंह के स्थान पर नियुक्त हुए हैं।
- संगीता व्यास, सावर पंचायत समिति (अजमेर) की विकास अधिकारी, अब भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ पंचायत समिति में रिक्त पद पर पदस्थापित की गई हैं।
अजमेर में नई नियुक्तियां
- साजिया तबस्सुम, अब तक बीकानेर पंचायत समिति (बीकानेर) में विकास अधिकारी थीं, अब अजमेर जिले की पीसांगन पंचायत समिति में रिक्त पद पर पदस्थापित की गई हैं।
- सुनील वर्मा का टोंक जिले की पीपलू पंचायत समिति से अजमेर जिले की भिनाय पंचायत समिति में स्थानांतरण हुआ है — यह पद श्री अर्जुन सिंह के अजमेर से बाहर जाने से रिक्त हुआ था।
अन्य निर्देश
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को अविलंब कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापन स्थल पर अपनी उपस्थिति देनी होगी, अन्यथा इसे राज्यादेशों की अवहेलना माना जाएगा। नियमानुसार यात्रा भत्ता एवं योगकाल देय होगा।
कुल स्थानांतरण: 144 अधिकारी।