आंगनबाड़ी केंद्र में मासूम बच्ची से भेदभाव का आरोप, वाल्मीकि समाज ने जताई नाराजगी
आंगनबाड़ी केंद्र में मासूम बच्ची से भेदभाव का आरोप, वाल्मीकि समाज ने जताई नाराजगी
पाली। उपखंड मुख्यालय क्षेत्र के निकटवर्ती सिणगारी गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में वाल्मीकि समाज की एक मासूम बच्ची के साथ पिछले करीब छह माह से भेदभाव एवं मानसिक उत्पीड़न किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा जिला शाखा पाली ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
महासभा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्ची के साथ अन्य बच्चों की तुलना में भेदभाव किया जाता है। उसे कथित रूप से अलग बैठाया जाता है तथा भोजन-पानी देने में भी भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है। परिजनों के अनुसार बच्ची इस व्यवहार से मानसिक रूप से परेशान है और घटना के कारण उसके मन में भय बैठ गया है। परिजनों ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से बच्ची के साथ हो रहे व्यवहार के बारे में बताते रहे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
महासभा ने कहा कि सरकारी केंद्र पर किसी मासूम बच्चे के साथ जाति के आधार पर भेदभाव बेहद गंभीर एवं कानूनी रूप से आपत्तिजनक है। संगठन ने आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यरत दोषियों की जांच कर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
महासभा ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो उपखंड अधिकारी के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रेस विज्ञप्ति पर महासभा के जिलाध्यक्ष हरप्रसाद जावा के हस्ताक्षर हैं।