जल से किसान समृद्धि लाने के लिए संकल्पित प्रदेश सरकार : रावत

जल से किसान समृद्धि लाने के लिए संकल्पित प्रदेश सरकार : रावत
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जल से किसान समृद्धि लाने के लिए संकल्पित प्रदेश सरकार : रावत

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत तारानगर आए, ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान‘ अंतर्गत विभिन्न जल परियोजनाओं के कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास, पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, इंदिरा गांधी नहर परियोजना कार्यालय में किसान सम्मेलन में की शिरकत, पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़, विधायक हरलाल सहारण, पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद्म भूषण देवेंद्र झाझड़िया सहित जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत शनिवार को चूरू जिले के तारानगर दौरे पर रहे। उन्होंने तारानगर मुख्यालय पर ‘वंदे गंगा – जल संरक्षण जन अभियान‘ अंतर्गत विभिन्न जल परियोजनाओं के कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया तथा इंदिरा गांधी नहर परियोजना कार्यालय में आयोजित किसान सम्मेलन में शिरकत कर किसानों को संबोधित किया।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना कार्यालय में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़, विधायक हरलाल सहारण, पैरालिंपिंक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया, राकेश जांगिड़, बसंत शर्मा, मधुसूदन राजपुरोहित, जसवंत सिंह सहित जनप्रतिनिधि मंचस्थ रहे।

जल से किसान समृद्धि लाने के लिए संकल्पित प्रदेश सरकार
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार जल से किसान समृद्धि लाने के लिए संकल्पित है। हमारी सरकार निंरतर कृषक कल्याणका निर्णयों से किसानों के घरों में खुशहाली लाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तारानगर क्षेत्र के वंचित रकबे को भी नहर परियोजनाओं से जोड़ने के लिए प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्षेत्र के लिए 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति डीपीआर बनाने के लिए दी है, इस पर काम चल रहा है। हम अंचल में जल से समृद्धि लाने के लिए प्रयास करेंगे।

रावत ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के हर वर्ग- हर क्षेत्र- हर नागरिक के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण प्रदेश में चल रहे ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान‘ अंतर्गत तारानगर क्षेत्र में विभिन्न जल परियोजना का शिलान्यास व लोकार्पण से अंचल के किसान समृद्ध होंगे। इससे अंचल के लोगों को कृषि एवं पेयजल कार्यों में बहुत संबल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान‘ अंतर्गत बड़ी संख्या में वृक्षारोपण करें तथा जल संरचनाओं के विकास के साथ पारंपरिक जल स्रोतों को सहेंजे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय से आरसीपी परियोजना अंतर्गत 17 जिलों को पानी मिलेगा। हमारी सरकार अंतिम छोर के व्यक्ति के कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने ईगानप कार्यालय में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अंचल के लोगों के लिए बहुत बड़ी सौगात दी है। क्षेत्र में नहर परियोजनाओं और डिग्गियों से सिंचाई का कार्य अब सुचारू रूप चालू हो सकेगा। इन विकास कार्यों से अंचल में समृद्धि और खुशहाली के लहर दौडे़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब बदला हुआ और मजबूत भारत है। प्रदेश और केंद्र सरकार के संकल्प से विकास परियोजनाएं धरातल पर सांस ले रही हैं। हमारी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंक फैलाने वालों को करारा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं का निरंतर विस्तार एवं विकास हो रहा है। प्रत्येक वर्ग और समाज के व्यक्ति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। हमारी सरकार ‘संकल्प से सिद्धि‘ के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि हम सभी सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान‘ में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा जल संरक्षण के लिए संकल्पित रहें।

विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि प्रदेश के किसान के चेहरे पर मुस्कान खिली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व की प्रदेश सरकार किसान और गरीब के दर्द को समझने वाली सरकार है। डबल इंजन सरकार गरीब और किसान का भला करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं व विकास कार्यों को संचालित कर रही है। हम सबका साथ- सबका विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे। तारानगर क्षेत्र को 200 करोड़ रुपए से अधिक की जल परियोजनाओं की सौगात अंचल को बहुत बड़ी सौगात है।
पद्म भूषण देवेंद्र झाझड़िया ने कहा कि हमारा सपना है कि किसान को पानी कैसे मिले और उसके कृषि व दैनिक कार्यों में समृद्धि कैसे आए। हम पानी से जीवन बचा सकते हैं। केंद्र सरकार ने कृषि बजट को 01 लाख 27 हजार करोड़ रुपए किया है जो कृषक हित में अभूतर्पूव है। हर घर- हर खेत में पानी पहुंचाने के संकल्प के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
राकेश जांगिड़ ने अतिथियों का स्वागत किया तथा तारानगर क्षेत्र में विकास कार्यों की जानकारी दी।
बसंत शर्मा ने ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान‘ अंतर्गत भागीदारी निभाते हुए जल संरचनाओं के रख-रखाव और जल संरक्षण की अपील की।

विभिन्न जल परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
जल संसाधन मंत्री रावत ने तारानगर में 17.85 करोड़ रुपए राशि के पम्पिंग स्टेशन 05 चौधरी कुम्भाराम आर्य लिफ्ट, 71.32 करोड़ रुपए राशि के साहवा वतिरिका, धीरवास एवं कैलाश माइनर के 11302 हैक्टेयर क्षेत्र में फव्वारा सिंचाई प्रणाली विकसित करने के लिए निर्मित 60 डिग्गियों का लोकार्पण किया तथा 82.81 करोड़ रुपए लागत के चौधरी कुम्भाराम आर्य लिफ्ट नहर के कमाण्ड क्षेत्र में सुई सब ब्रांच की भावलदेसर माइनर, धानसिया माइनर, हरिपुरा माइनरव जैतसीसर माइनर पर फव्वारा सिंचाई पद्धति (प्रेशर इरीगेशन) विकसित करने का कार्य और अमृत 2.0 अंतर्गत शहरी जल योजना तारानगर का संवर्धन, पुनरूद्धार व रखरखाव कार्यों का शिलान्यास किया।

पम्पिंग स्टेशन 05 के लिए 3 पम्प इकाईयां स्थापित, 20 गांव होंगे लाभान्वित

जल संसाधन मंत्री रावत के सतत प्रयासों से चौधरी कुम्भाराम आर्य लिफ्ट के चैनेज 107.500 पर पम्पिंग स्टेशन संख्या 05 को अब संचालन में लाया जा गया है। इस स्टेशन के जरिए गाजुवास माईनर और तारानगर माईनर को जलापूर्ति के लिए 35 क्यूसेक क्षमता की 3 नवीन पम्प इकाइयां और अन्य विद्युत उपकरण स्थापित किए गए हैं। इन कार्यों में 3.79 करोड़ रूपए लागत आई है।

इस परियोजना से तारानगर कस्बा, जिगसाना टिब्बा, जिगसाना ताल, जोरजी का बास, सेउवा, ओजरिया, महलाणा, गोगटिया पट्टा चंगोई, बालिया, करनपुरा, इंदासी, लूणास, गोदास, ढाणा भाकरान, बुचावास, गाजूवास, गडाणा, पुनरास, सतमिल, चूना खाती की ढाणी सहित 20 गांवों को जल उपलब्ध होगा।

गौरतलब है कि इस पम्पिंग स्टेशन का निर्माण चौधरी कुम्भाराम आर्य लिफ्ट के चैनेज 107.500 पर वर्ष 2005 में हुआ था। उस समय पानी की कमी होने से यह कार्य अधूरा रह गए था और स्टेशन संचालित नहीं हो पाया था। अब गाजुवास (107.613 कि.मी) और तारानगर माईनर (107.635 कि.मी) पर कार्य पूर्णता के बाद पम्पिंग स्टेशन चालू किया गया है।

चरणबद्ध रूप से संचालित होंगी 60 डिग्गियां
जल संसाधन मंत्री के अथक प्रयासों से कई वर्षों से बंद डिग्गियां अब संचालित होंगी। चौधरी कुम्भाराम आर्य लिफ्ट नहर की कैलाश माईनर, धीरवास माईनर एवं साहवा वितरिका पर निर्मित 60 डिग्गियों का विद्युतीकरण कार्य अप्रैल, 2025 में पूर्ण हुआ है। अब इन डिग्गियों का चरणबद्ध रूप से संचालन और रख-रखाव कार्य (ओ एंड एम) शुरू किया जा रहा है। इस वर्ष खरीफ फसल के लिए इनमें से 10 डिग्गियों में पाइप नेटवर्क व खालों सहित टेस्टिंग कार्य कर, फव्वारा पद्धति के अंतर्गत ओएंडएम प्रारंभ किया जाएगा। किसानों को दो वर्ष तक विभागीय अभियंताओं की देखरेख में प्रशिक्षित किया जाएगा। रावत ने इन पूर्ण कार्यों का विधिवत लोकार्पण किया।

यह डिग्गियां 11 हजार 302 हैक्टेयर क्षेत्र में फव्वारा पद्धति से सिंचाई के लिए बनाई गई हैं। इनके सिविल और विद्युतीकरण कार्यों में 71.32 करोड़ रूपए की लागत आई है। इनसे भामरा, लूणास, देवासी, कैलाश, तारानगर, किरसाली कांधलान, किरसाली ब्राहम्णान, भलाऊ ताल, सुखवासी, चंगोई, पण्डेऊ टिब्बा, धीरवास, झाणसर गंजीया, डाबड़ी छोटी, धीरवास छोटा, सोमसीसर, रैयाटुण्डा, बनियाला, ढाणी माना, भाडंग, झाझंणी, मेघसर, ढाणी मेघसर, कुलडिया की ढाणी, दूलेरी, नेठवा, भलाऊ टिब्बा, भनीण सहित अनेक गांवों को लाभ मिलेगा।

हनुमानगढ़ और चूरू के लिए प्रेशर इरिगेशन कार्यों का शिलान्यास

चौधरी कुम्भाराम आर्य लिफ्ट नहर की सुई सब ब्रांच की भावलदेसर माईनर, धानसिया माईनर, हरिपुरा माईनर व जैतसीसर माईनर के कुल 12 हजार 447.26 हैक्टेयर कमांड क्षेत्र में प्रेशर इरिगेशन के कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए 75.18 करोड़ रूपए के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें हनुमानगढ़ का 5 हजार 541.37 हैक्टेयर क्षेत्र और चूरू का 6 हजार 905.89 हैक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इन कार्यों से हनुमानगढ़ के पाण्डूसर, भावलदेसर, ढाणी भाम्भुआन व धानसिया तथा चूरू के भाववाला, रायपुरा, जैतसीसर व जैतासर गांवों के 2 हजार 901 परिवार लाभान्वित होंगे। यह परियोजना जल संरक्षण को बढ़ावा देगी और अंतिम छोर तक समुचित मात्रा में सिंचाई जल उपलब्ध कराएगी।

admin - awaz rajasthan ki

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