जलस्रोत निर्मल होकर निरंतर बहते रहे ये सुनिश्चित करना होगा-मदन दिलावर
जल संरक्षण संगोष्ठी में शिक्षा मंत्री दिलावर
प्रतीक पाराशर
ब्यावर। नदी, नाले जैसे प्राकृतिक जल स्त्रोत निरंतर और निर्मल होकर बहते रहे यह हमे सुनिश्चित करना होगा। ये कहना है शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का ,मंत्री दिलावर ब्यावर में आशापुरा माता धाम परिसर में आयोजित जल संरक्षण संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
दिलावर ने कहा कि हमारे परंपरागत जल स्त्रोत-तालाब,बावड़ी,कुंड, जलाशय,नदियों,नालों आदि को पुनर्जीवित करना होगा। जल संरक्षण नहीं होने से जल घटता जा रहा है। विश्व से तुलना करे तो विश्व का मात्र 4% जल हमारे देश में है। जबकि आबादी 16% है। क्षेत्रफल 2.3% है।
राजस्थान की तुलना करे तो क्षेत्रफल 10.4%है। जनसंख्या 5.5% और सतही जल 1.16% है। सीधी बात करे तो हमारी आवश्यकता का 25% जल भी उपलब्ध नहीं है।
इस लिए हमे प्राकृतिक जल स्त्रोतों को बचाना ही होगा। क्योंकि जल नहीं होगा तो फिर कल भी नहीं होगा और प्रकृति और मानव के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा।
मंत्री दिलावर ने पॉलीथिन का उपयोग भी नहीं करने की सलाह देते हुए कहा कि दुकानदार से पॉलिथीन की थैली मांगने के बजाय घर से कपड़े का थैला लेकर जाए। खाद्य पदार्थों के लिए पॉलिथीन का उपयोग कभी ना करे। ये स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक है। और पर्यावरण प्रदूषण का भी कारक है।
मंत्री दिलावर ने उपस्थित लोगों को पॉलिथीन का प्रयोग ना करने और जल संरक्षण करने का संकल्प भी दिलवाया। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में बर्तन भंडार बनाने पर जोर दिया ताकि डिस्पोजल आइटम का उपयोग बंद हो सके। इसके लिए विधायक विकास कोष से राशि स्वीकृत करने का प्रावधान भी सरकार ने कर दिया है।
कार्यक्रम को ब्यावर के विधायक शंकर सिंह रावत ने भी संबोधित किया। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री उमा शंकर मंचासीन थे।अध्यक्षता दीपक झावर ने की।
कार्यक्रम के अंत में अहमदाबाद विमान दुर्घटना एवं केदारनाथ हादसे के मृतकों को दो मिनिट का मौन रख कर श्रध्दांजली दी।