मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए निर्देश- एक पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता न हो -राजस्थान के लगभग 52 हजार 500 बीएलओ का जुलाई में प्रशिक्षण

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए निर्देश- एक पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता न हो -राजस्थान के लगभग 52 हजार 500 बीएलओ का जुलाई में प्रशिक्षण
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जयपुर। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा भारत मंडपम, नई दिल्ली में 2 जुलाई को बीएलओ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान के लगभग 200 बीएलओ सहित देशभर से लगभग 2500 बीएलओ भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शेष बीएलओ का प्रशिक्षण जिला स्तर पर ही आयोजित किया जाएगा। इस प्रकार राजस्थान के कुल 52 हजार 500 बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

महाजन मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जिला निर्वाचन अधिकारियों सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को वोटिंग प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि गत विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों में जिन पोलिंग बूथों पर 6 बजे बाद तक कतार लगी रहीं तथा जहां मतदाता संख्या 1200 से अधिक है, ऐसे पोलिंग बूथों का शीघ्र ही पुनर्गठन करना सुनिश्चित करें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों की ओर से मतदान केन्द्र स्तर तक एजेंट (बीएलए) का नामांकन और चुनावी प्रक्रियाओं के प्रबंधन में इन एजेंट्स की तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करवाने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को बीएलओ को पहचान पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए।

महाजन ने कहा कि प्रदेश के नवीन जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने नवीन जिलों में नोडल ऑफिसर की नियुक्ति, आईटी इनेबल्ड सेल क्रिएशन, ईवीएम वेयरहाउस, जिला कॉल सेंटर, इआरओ-नेट पर कंट्रोल टेबल अपडेशन, विभिन्न समितियों का गठन आदि कार्य समयबद्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को और अधिक सुलभ, पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ‘ईसीआईनेट’ का निर्माण किया है। यह वर्तमान में ट्रायल फेज में है । यह प्लेटफ़ॉर्म 40 से अधिक मौजूदा मोबाइल और वेब ऐप्स को समेकित करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को चुनाव संबंधी सभी सेवाएँ एक ही जगह पर सहजता से उपलब्ध हो जाती हैं। इससे न केवल नागरिक, बल्कि चुनाव अधिकारी, मीडिया एवं राजनीतिक दल भी चुनावी जानकारी तक आसान और त्वरित पहुँच प्राप्त कर सकेंगे।

वीडियो कांफ्रेंस में सभी जिला कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

admin - awaz rajasthan ki

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