पुनर्गठन की गेंद सरकार के पाले में आने के बाद भी प्रस्तावों पर अन्तिम निर्णय को लेकर पशोपेश है। यदि 30 जून तक सरकार कोई निर्णय नहीं कर पाती है तो राज्य में. पंचायतों का पुनर्गठन अटक सकता है।
पुनर्गठन की गेंद सरकार के पाले में आने के बाद भी प्रस्तावों पर अन्तिम निर्णय को लेकर पशोपेश है। यदि 30 जून तक सरकार कोई निर्णय नहीं कर पाती है तो राज्य में. पंचायतों का पुनर्गठन अटक सकता है।
प्रदेश मे पंचायतीराज मे पंचायत व पंचायत समिति व जिला परिषद का पुर्नगठन कब होगा यह अभी कहा नही जा सकता प्रदेश के नये जिलो मे जिला परिषद व जिला परिषद के वार्डो का गठन होना है वही नवीन पंचायत समिति तथा नवीन ग्राम पंचायत के वार्डो का गठन भी होना है लेकिन अभी जैसी परिस्थिति नजर आ रही है उसे लेकर कुछ भी नही कहा जा सकता । पंचायराज संस्थाओं के पुनर्गठन व नवसृजन मामले में उलझनें कम नहीं हो रही है। कई जिलों से जनप्रतिनिधियों की शिकायतें एवं हाईकोर्ट में पेश हो रही याचिकाओं के बाद पुनर्गठन प्रस्तावों को अन्तिम रूप देने में जुटी सरकार की उच्च स्तरीय समिति भी पशोपेश में दिखाई दे रही है। प्रशासनिक इकाइयों के सीमांकन में बदलाव की छूट की अन्तिम तिथि 30 जून है। सरकार की ओर से पुनर्गठन प्रस्तावों की अन्तिम रिपोर्ट
7 जुलाई को हाईकोर्ट में पेश की जानी है। कुछ पंचायतों के सीमांकन को लेकर जनप्रतिनिधियों के जरिए सरकार के समक्ष आपत्तियां पहुंची हैं। पुनर्गठन की गेंद सरकार के पाले में आने के बाद भी प्रस्तावों पर अन्तिम निर्णय को लेकर पशोपेश है। यदि 30 जून तक सरकार कोई निर्णय नहीं कर पाती है तो राज्य में. पंचायतों का पुनर्गठन अटक सकता है। दूसरी तरफ यदि पुनर्गठन को अन्तिम रूप दे दिया जाता है तो 2500 ग्राम पंचायतें और 70 के करीब पंचायत समितियां बढ़ाई जा सकती है।