स्वतंत्रतासेनानियों की गाथा ने युवाओं में भरा जोश



पर्यटक भी हुए प्रभावित।
शाहपुरा संग्रहालय बना आकर्षण का केंद्र।
शौर्य गाथा सुन युवाओं में जागी देशभक्ति।
शाहपुरा 23 दिसम्बर। स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद केसरी सिंह बारहट, प्रताप सिंह बारहट एवं जोरावर सिंह बारहट की स्मृति में मंगलवार को शौर्य दिवस के अवसर पर नगर में हर्षोल्लास के साथ कई कार्यक्रम आयोजित हुए। राजस्थान सरकार के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा निर्मित श्री केसरी सिंह बारहट संग्रहालय में पूरे दिन श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल रही। यह संग्रहालय शहीदों के जीवन और संघर्ष की जीवंत गाथा बयान करता है। शौर्य दिवस पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूली छात्रों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों की भीड़ उमड़ी। सभी शहीदों के निजी आवास बारहट हवेली पहुंचे, जो अब शाहपुरा संग्रहालय के रूप में प्रसिद्ध है। यहां प्रदर्शित दुर्लभ सामग्री ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लोहा लेने वाले इन वीरों का इतिहास, उनकी शौर्य गाथाएं, विभिन्न रियासतों के राजाओं को लिखे प्रेरणादायी पत्र, हस्तलिखित पुस्तकें, हथियार एवं अन्य ऐतिहासिक वस्तुएं देख सभी मंत्र मुग्ध हो गए। सेनानियों के इतिहास को देख युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत हुई। लंदन से अपने दो बच्चों के साथ आये एक दम्पत्ति ने स्वतंत्रता सेनानियों पर बनी डॉक्यूमेंट्री देख बहुत प्रभावित हुए।
संग्रहालय कर्मियों ने आने वाले दर्शको को शहीदों के बलिदान पर व्याख्यान दिया, जबकि छात्र छात्राओं ने ओजस्वी कविताएं पाठ व नाटक की प्रस्तुतती दी।