पुष्कर सेवा सदन में न्यायालय के आदेश के बाद भी चुनाव प्रक्रिया में बाधा, समाज के लोगों ने जताई नाराजगी
: पुष्कर सेवा सदन में न्यायालय के आदेश के बाद भी चुनाव प्रक्रिया में बाधा, समाज के लोगों ने जताई नाराजगी
पुष्कर/अजमेर:
श्री अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन, पुष्कर में न्यायालय के आदेश से होने वाले चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद सदन प्रशासन द्वारा चुनाव प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने से समाज के सदस्यों में गहरा रोष व्याप्त है माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार किशन गोपाल दरगढ़ को चुनाव संपन्न करवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। जब वे अपनी मार्गदर्शक मंडल के साथ चुनाव की तैयारी करने सदन पहुंचे, तो वहां के प्रभारी कार्यालय मंत्री ने सहयोग करने से साफ मना कर दिया। चुनाव अधिकारी ने जब मतदाता सूची और चुनाव के लिए जगह की मांग की, तो प्रभारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें ऊपर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
दूर दराज से आये मार्गदर्शक मंडल के सदस्य व चुनाव अधिकारी व समाज बंधु परेशान हुए।
इस चुनाव प्रक्रिया को प्रराम्भ करने के लिए मुंबई, मेड़ता और किशनगढ़ सहित देश के कई हिस्सों से मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य और समाज के लोग पुष्कर आए हुए थे। मार्गदर्शक मंडल के सदस्य श्री रामकुमार माधना एवं श्री राधा मोहन सोनी की मौजूदगी के बावजूद, सदन प्रशासन ने चुनाव अधिकारी किशन गोपाल दरगढ़ को आगे की कार्रवाई नहीं करने दी। समाज के लोगों का कहना है कि कोर्ट के आदेश की पालना करना सबका कर्तव्य है और इसमें बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सेवा सदन में इस कार्रवाई के दौरान कार्यालय मंत्री मधुसूदन मालू, प्रबंधकारी सदस्य संपत बिड़ला, श्यामसुंदर मंत्री जगदीश राठी, सुनील मूंदड़ा, गोपी किशन बंग इत्यादि भी मौजूद थे
भवदीय,
(मार्गदर्शक मंडल एवं चुनाव अधिकारी द्वारा जारी)
श्री अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन, पुष्कर