608 वर्ष बाद सांपला में बनेगा भव्य द्वारकाधीश मंदिरभूमि पूजन में उमड़ा जनसैलाबमंत्री श्री जोराराम कुमावत एवं श्री जाबर सिंह खर्रा तथा हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी
608 वर्ष बाद सांपला में बनेगा भव्य द्वारकाधीश मंदिर
भूमि पूजन में उमड़ा जनसैलाब
मंत्री श्री जोराराम कुमावत एवं श्री जाबर सिंह खर्रा तथा हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी
अजमेर, 22 जून। धार्मिक नगरी सांपला में भगवान द्वारकाधीश गोपाल महाराज के भव्य मंदिर निर्माण के भूमि पूजन समारोह में रविवार को हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
महामंडलेश्वर धु्रवदास महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग मंत्री जोराराम कुमावत, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, क्षेत्रीय विधायक शत्रुघ्न गौतम सहित अनेक संत-महात्मा एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए ऐसे धार्मिक आयोजन प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि सांपला में द्वारकाधीश मंदिर के प्रति लोगों की आस्था और समर्पण अद्भुत है। ग्रामीणों एवं विधायक शत्रुघ्न गौतम की मांग पर उन्होंने सांपला के राजकीय पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नत करने का आश्वासन भी दिया।
नगरीय विकास मंत्री जाबर सिंह खर्रा ने कहा कि भगवान द्वारकाधीश के प्रति क्षेत्रवासियों का विश्वास और प्रेम समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर सांपला को नगर पालिका बनाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि सांपला का गोपाल मंदिर प्रदेशभर में आस्था का केंद्र है। उन्होंने बताया कि द्वारका से पधारे भगवान द्वारकाधीश गोपाल महाराज के इस मंदिर का निर्माण 608 वर्ष बाद होने जा रहा है, जो क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगा। उन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले ग्रामीणों का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री बंशीधर बाज्या ने कहा कि महामंडलेश्वर श्री ध्रुवदास महाराज के मार्गदर्शन में बनने वाला यह मंदिर क्षेत्र की नई पहचान बनेगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान विद्वान पंडित श्री धर्मनारायण जोशी एवं श्री प्रहलाद चंद त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य शिला, नवग्रह एवं 101 अन्य शिलाओं का पूजन कराया। इसके बाद संत-महात्माओं, अतिथियों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मुख्य शिला स्थापित की गई।
कार्यक्रम में श्री हरिमोहन शर्मा, श्री भूपेंद्र सिंह शक्तावत, श्री शैलेंद्र सिंह शक्तावत, श्री राजवीर भिंचर, श्री राजवीर हावा, श्री अभिषेक कुमावत, श्री रामेश्वर गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। भूमि पूजन से पूर्व निकाली गई भव्य शोभायात्रा और महाकाल की आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।