किशनगढ़ जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर विधायक विकास चौधरी सख्त; MRS बैठक में ₹50 लाख के कार्यों को दी स्वीकृति, लापरवाही पर अधिकारियों को लगाई लताड़
किशनगढ़ जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर विधायक विकास चौधरी सख्त; MRS बैठक में ₹50 लाख के कार्यों को दी स्वीकृति, लापरवाही पर अधिकारियों को लगाई लताड़
किशनगढ़ (अजमेर)। स्थानीय राजकीय यज्ञनारायण जिला चिकित्सालय में शुक्रवार को मेडिकल रिलीफ सोसायटी (MRS) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधायक विकास चौधरी ने भाग लिया। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर नरेंद्र सिंह मीणा, पीएमओ परसाराम सहित सभी सदस्यों उपस्थित रहे। बैठक में अस्पताल की पूर्व पालना रिपोर्ट एवं आगामी कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जनहित को ध्यान में रखते हुए विधायक चौधरी ने चिकित्सालय के विभिन्न विकास कार्यों हेतु ₹50 लाख के बजट की स्वीकृति प्रदान की। बैठक के उपरांत विधायक सहित सदस्यो ने निर्माणाधीन सीटी स्कैन रूम, नए भवन तथा पर्ची काउंटर का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता एवं गति को परखा।
प्रसूताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और ओपीडी में डॉक्टरों की कमी पर जताई सख्त नाराजगी
बैठक के दौरान अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर विधायक विकास चौधरी का रुख बेहद कड़ा रहा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि स्त्री रोग (गायनिक) विभाग में 3 डॉक्टर उपलब्ध होने के बावजूद ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिलता। गायनिक डॉक्टरों को इमरजेंसी सीएमओ ड्यूटी पर लगा रखा है और प्रसूताओं को देखने के लिए नर्सिंग स्टाफ या मेडिकल ऑफिसर बैठे रहते हैं, जो मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। आम गरीब मरीजों का यहाँ कोई धणी-धोरी नहीं है,
निजी लैब की गड़बड़ी और जनता की परेशानी पर अधिकारियों को लगाई फटकार
अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं पर रोष व्यक्त करते हुए विधायक ने कहा कि मरीजों की जाँचें निजी लैब ‘कृष्णा’ में भेजी जा रही हैं, जहाँ से लगातार गंभीर गड़बड़ियाँ और अभद्रता की शिकायतें आ रही हैं।
विधायक का संदेश: “जनता ने हमें सेवा के लिए चुना है। अस्पताल में आने वाले हर गरीब और जरूरतमंद मरीज को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए। यदि व्यवस्थाओं में 7 दिन के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ राज्य स्तर पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
विधायक विकास चौधरी ने अंत में निर्देश दिए कि मेडिकल रिलीफ सोसायटी (MRS) की बैठकें नियमित समय अंतराल पर अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं, ताकि अस्पताल की कमियों का समय पर विश्लेषण हो सके और सरकारी सहायता के माध्यम से चिकित्सालय में नए नवाचार लागू किए जा सकें। बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) सहित चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी व सोसायटी के सदस्य उपस्थित रहे।