नगर निगम की पहली बैठक में ही हंगामा, कांग्रेस पार्षदों ने किया बहिष्कार
कासं/अजमेर। अजमेर नगर निगम के नए बोर्ड की पहली ही बैठक में दशहरा महोत्सव की तैयारियों को लेकर विवाद हो गया। बुधवार को महापौर अनामिका शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमेटियों के गठन और संयोजकों के चयन पर कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति जताई। इसी दौरान भाजपा पार्षद सतीश बंसल और कांग्रेस पार्षद नौरत गुर्जर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। कांग्रेस पार्षदों ने बंसल पर अपशब्द कहने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। वहीं, बंसल ने इन आरोपों को गलत बताया।
बैठक में वार्ड 9 की कांग्रेस पार्षद मीनाक्षी यादव ने कमेटियों में प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दशहरा महोत्सव से जुड़ी पांच कमेटियों में चार के संयोजक भाजपा पार्षदों को और एक के संयोजक कांग्रेस पार्षद को बनाया गया है। उन्होंने दोनों दलों को समान अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की मांग की। इस पर भाजपा पार्षद सतीश बंसल ने कहा कि कमेटियों के संयोजक तय करना महापौर का अधिकार है। कांग्रेस पार्षद नौरत गुर्जर ने सवाल उठाया कि इस मामले में महापौर की जगह बंसल जवाब क्यों दे रहे हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ गई।
नौरत गुर्जर ने आरोप लगाया कि नोकझोंक के दौरान बंसल ने उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और शहर में नहीं रहने देने जैसी धमकी दी। गुर्जर के अनुसार, यह घटनाक्रम महापौर, महिला पार्षदों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। इसके बाद कांग्रेस के सभी पार्षद बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। गुर्जर ने बताया कि कांग्रेस पार्षदों ने क्रिश्चियनगंज थाने पहुंचकर बंसल के खिलाफ शिकायत भी दी है।
कांग्रेस पार्षदों ने मांग की कि बंसल अपने कथित व्यवहार के लिए माफी मांगें और महापौर अनामिका शर्मा भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने का आश्वासन दें। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक वे नगर निगम की बैठकों, कमेटियों और कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगे।
दूसरी ओर, भाजपा पार्षद सतीश बंसल ने गाली देने और धमकी देने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने बैठक में केवल यह कहा था कि कमेटियों का गठन पहले से चली आ रही व्यवस्था के अनुसार किया गया है और संयोजक तय करना महापौर का अधिकार है। बंसल ने स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्षदों के आक्रोशित होने पर वह भी कुछ आक्रोशित हो गए थे, लेकिन उन्होंने किसी को गाली देने या धमकाने से इनकार किया।
कांग्रेस पार्षदों के बाहर जाने के बाद भी महापौर की अध्यक्षता में बैठक जारी रही। दशहरा महोत्सव के तहत दुर्गा स्थापना, गरबा, रामलीला, राम बारात और रावण दहन की तैयारियों को लेकर संबंधित पार्षदों और अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उपमहापौर हेमंत सांखला कांग्रेस पार्षदों से बातचीत करने के लिए बाहर आए, लेकिन पार्षद बंसल से माफी की मांग पर अड़े रहे।

सांखला ने कहा कि दशहरा महोत्सव पूरे अजमेर शहर का आयोजन है और इसे धूमधाम से मनाया जाएगा। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्षदों की आपत्ति कमेटियों में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने को लेकर थी। कमेटियों का गठन महापौर की अध्यक्षता में होता है और संयोजक तय करना उनका अधिकार है। उन्होंने बताया कि गुरुवार से महापौर, उपमहापौर और कमेटियों में शामिल पार्षद कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करेंगे।
महापौर अनामिका शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्षदों ने अपनी बात उचित तरीके से रखने के बजाय गुस्से में बातचीत शुरू की। उन्होंने कई बार पार्षदों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया, लेकिन वे बाहर चले गए। उन्हें वापस बुलाने का प्रयास भी किया गया, हालांकि वे नहीं लौटे। बंसल पर कथित अपशब्द कहने के आरोप के संबंध में महापौर ने कहा कि संभव है कि बहस के दौरान किसी बात से आक्रोश बढ़ा हो।
कांग्रेस पार्षदों की ओर से आगामी बैठकों और कार्यक्रमों के बहिष्कार की घोषणा पर महापौर ने कहा कि दशहरा महोत्सव किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे अजमेर शहर का कार्यक्रम है। उन्होंने सभी पार्षदों से आपसी समन्वय बनाए रखने और मिलकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।