वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियान प्रदेश की तस्वीर बदलेगा, आमजन तक हो जुड़ाव- मीणाराजस्व मंत्री ने की अजमेर जिले में अभियान की समीक्षासभी विभागों को कामकाज में तेजी लाने के निर्देश

वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियान प्रदेश की तस्वीर बदलेगा, आमजन तक हो जुड़ाव- मीणाराजस्व मंत्री ने की अजमेर जिले में अभियान की समीक्षासभी विभागों को कामकाज में तेजी लाने के निर्देश
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वन्दे गंगा जल संरक्षण अभियान प्रदेश की तस्वीर बदलेगा, आमजन तक हो जुड़ाव- मीणा
राजस्व मंत्री ने की अजमेर जिले में अभियान की समीक्षा
सभी विभागों को कामकाज में तेजी लाने के निर्देश


अजमेर, 16 जून। राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान राजस्थान में पेयजल, सिंचाई एवं हरियाली के लिए वरदान साबित होगा। यह प्रदेश की तस्वीर बदलने वाला अभियान है। इसे शहरों में वार्ड, मोहल्ले और गांवों में प्रत्येक राजस्व ग्राम तक पहुंचाना है। आमजन को जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। हर स्तर पर जागृति के लिए काम किया जाए। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने सोमवार को अजमेर में वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की समीक्षा की।
बैठक में अभियान के अंतर्गत आवंटित कार्यों एवं प्रगति पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर लोकबंधु ने जानकारी दी कि विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। वन विभाग द्वारा मानसून पूर्व तैयारियों में 5 लाख से अधिक पौधे के लिए खड्डे कराए गए हैं और बड़े स्तर पर पौधारोपण की तैयारियां की जा रही हैं।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक खन्ना ने बताया कि जिले में चयनित तालाबों एवं बावड़ियों का जीर्णाेद्धार एवं उन्नयन कार्य किया जा रहा है। अभियान की गतिविधियां पोर्टल पर अपलोड की जा रही हैं। कार्यों के लिए जन सहयोग एवं सीएसआर मद से भी योगदान लिया जा रहा है।
मंत्री मीणा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियाें को विद्यार्थियों में जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय चेतना के लिए जागरूकता गतिविधियाँ बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग को सड़कों के किनारे अधिक से अधिक पौधारोपण करने के निर्देश दिए। नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि वे अभियान के तहत श्रमदान, कार्यशालाओं एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन बढ़ाएं। मंत्री मीणा ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों का उत्तरदायित्व है कि वे अधिकाधिक गतिविधियाँ आयोजित कर राज्य सरकार के उद्देश्य जनजागरूकता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण बचाव को जन जन तक पहुँचाएं।
उन्होंने कहा कि जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वे योजनाओं को क्रियान्वित कर जनमानस को जोड़ें। विशेष रूप से डार्क ज़ोन वाले क्षेत्रें में जल स्तर को बढ़ाना अतिआवश्यक है । उन्होंने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत स्थानीय पर्यावरणीय अनुकूलता के अनुसार पौधों की प्रजातियों का चयन करने की आवश्यकता बताई ।
विभागों में अभियान में आंवटित कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। इसमें नगरीय निकाय द्वारा लव-कुश वाटिका पर वॉल पेंटिग, जल स्त्रोंतो पर सफाई सहित अन्य कार्य, पशुपालन विभाग द्वारा गौशालाओं पर सफाई एवं जल संरक्षण, पौधारोपण जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जल स्त्रोंतो, पानी की टंकी सहित अन्य स्त्रोंतो की सफाई कार्यों की जानकारी दी गई। इसी प्रकार कृषि उद्यानिकी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, शिक्षा, सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजिविका, अजमेर विकास प्राधिकरण, चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागों ने कार्यों की प्रगति से अवगत कराया।
बैठक में नगर निगम आयुक्त देशल दान, अतिरिक्त जिला कलक्टर ज्योति ककवानी एवं गजेंद्र सिंह राठौड़, प्रशिक्षु आईएएस डॉ. नेहा राजपूत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री हेमंत मीणा ने वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान में किए गए श्रमदान कार्य का किया निरीक्षण
नगर निगम अधिकारियों को समयबद्ध सफाई कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री हेमंत मीणा ने सोमवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने त्रिदिवसीय श्रमदान अभियान के तहत आनासागर झील के विभिन्न तटों पर चल रही सफाई गतिविधियों का जायज़ा लिया तथा अभियान में प्रशासन और आमजनों की सहभागिता की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान मीणा ने झील क्षेत्र में साफ सफाई की स्थिति को देखा और अभियान में किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष रहे सफाई कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के पश्चात भी नियमित सफाई, निगरानी और रखरखाव की व्यवस्था सुनियोजित ढंग से की जाए।
श्री मीणा ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूर दृष्टि का परिणाम है, जिसका उद्देश्य जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को केवल एक सरकारी गतिविधि नहीं मानकर, एक जन आंदोलन के रूप में देखा जाना चाहिए। इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। स्वच्छ एवं संरक्षित जल स्रोत ही भावी पीढ़ियों की जल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
इस अवसर पर जिला कलक्टर लोकबंधु, नगर निगम आयुक्त देशल दान, अतिरिक्त जिला कलक्टर ज्योति ककवानी एवं गजेंद्र सिंह राठौड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

admin - awaz rajasthan ki

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