शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बड़ा ऐलान — सरकारी स्कूलों में ‘पारंपरिक पोशाक दिवस’ लागू करने की तैयारी, धर्मांतरण पर सख़्ती का संकेत
अजमेर। राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री मदन दिलावर शनिवार को अजमेर आए और उनके इस दौरे में शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर कई अहम घोषणाएँ सामने आईं।
सर्किट हाउस में पारंपरिक स्वागत के बाद वे एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद के दौरान उन्होंने एक ऐसा फैसला साझा किया जिसने सभी का ध्यान खींचा।
“हमारी संस्कृति हमारी पहचान है”
दिलावर ने कहा कि आने वाले समय में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में सप्ताह के एक दिन छात्र-छात्राएं पारंपरिक वेशभूषा में स्कूल आएंगे।
यह सिर्फ पोशाक बदलने का दिन नहीं होगा, बल्कि बच्चों को अपनी जड़ों, अपनी मिट्टी और अपने लोकाचार से जोड़ने का प्रयास होगा।
मंत्री ने स्पष्ट कहा —
“बच्चे किताबों से बहुत कुछ सीखते हैं, लेकिन संस्कृति को अपनाने के लिए उसे जीना पड़ता है।”
शिक्षा विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
धर्मांतरण के मामलों पर सख़्ती — “दोषी सिद्ध हुआ तो आजीवन कारावास”
धर्मांतरण कानून पर पूछे गए सवालों पर मंत्री दिलावर का रुख बेहद स्पष्ट और कड़ा रहा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में लागू नया कानून देश का सबसे मजबूत कानून है। इसमें —
- आजीवन कारावास और
- 50 लाख रुपये तक का जुर्माना
का प्रावधान शामिल है।
दिलावर ने साफ कहा कि किसी भवन या स्थल का उपयोग धर्मांतरण के लिए किया गया हो, तो उस पर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
उनका कहना था कि “लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
SIR प्रक्रिया पर राजनीति तेज — मंत्री का पलटवार
मतदाता सूची संशोधन यानी SIR को लेकर चल रही बहस पर भी दिलावर मुखर रहे।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया —
फर्जी वोटिंग रोकने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने और एक से ज़्यादा जगह वोट डालने वालों को सूची से बाहर करने के लिए आवश्यक है।
उनका कहना था —
“जब प्रक्रिया पारदर्शी होती है तो केवल वही डरते हैं जिनके पास छिपाने के लिए कुछ होता है।”
बीएलओ से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यह काम बिना तनाव के, शांत होकर और ईमानदारी से पूरा किया जाए।