देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग को लेकर शिक्षा, पंचायतीराज और संस्कृत विभागों को निर्देश

देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग को लेकर शिक्षा, पंचायतीराज और संस्कृत विभागों को निर्देश
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जयपुर ( प्रतीक पाराशर ) — प्रदेश के शिक्षा, पंचायतीराज और संस्कृत विभागों में अब केवल भारत में निर्मित उत्पादों का ही उपयोग किया जाएगा। तीनों विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि मेक इन इंडिया अभियान के तहत केवल देशी सामान की खरीद की जाए। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर विदेश में निर्मित वस्तुओं की खरीद पर प्रतिबंध रहेगा।

बिना अनुमति विदेशी उत्पाद खरीदे तो होगी व्यक्तिगत वसूली

यदि कोई अधिकारी बिना मंत्री-स्तरीय अनुमति के विदेशी उत्पाद की खरीद करता है, तो उसका वित्तीय दंड व्यक्तिगत रूप से वसूला जाएगा। यह निर्णय प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर द्वारा लिया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मेक इन इंडिया” विजन को मजबूती देने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

मंत्री मदन दिलावर का बयान

मदन दिलावर ने कहा कि –

“प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से देश की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत पहल की है। शिक्षा, पंचायतीराज और संस्कृत विभागों में कार्यरत सभी इकाइयों को अब भारत में निर्मित वस्तुओं को ही उपयोग में लाने की हिदायत दी गई है।”

आदेश की प्रमुख बातें:

  • केवल भारत में निर्मित वस्तुओं की खरीद होगी अनुमत।
  • विशेष परिस्थितियों में ही विदेश में बने उत्पाद खरीदने की अनुमति मिलेगी।
  • बिना अनुमति खरीद पर अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से राशि वसूली जाएगी।
  • सभी विभागीय कार्यालयों को आदेश का कड़ाई से पालन करना होगा।

Vijay Kumar Parashar

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