बड़ी राहत: मनरेगा से अब फिर बनेंगे खेतों में पानी के टांके; राजस्थान के 8 जिले केंद्र की ‘किसान धन धान्य योजना’ में शामिल

बड़ी राहत: मनरेगा से अब फिर बनेंगे खेतों में पानी के टांके; राजस्थान के 8 जिले केंद्र की ‘किसान धन धान्य योजना’ में शामिल
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जयपुर (Prateek Parashar ): राजस्थान के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब प्रदेश में मनरेगा (MNREGA) के तहत किसानों के खेतों में पानी के टांके (वाटर स्टोरेज टैंक) बनाने का काम फिर से शुरू हो सकेगा। करीब एक सप्ताह पहले केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकार ने अचानक खेतों में टांके बनाने पर रोक लगा दी थी, जिसका व्यापक विरोध हुआ था।

सीएम शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से मिलकर दिलाया भरोसा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। मुलाकात के बाद सीएम शर्मा ने घोषणा की कि अब पहले की तरह ही खेतों में टांके बन सकेंगे और इसके लिए जल्द ही फंड जारी किया जाएगा।

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा, “ग्रामीण विकास मंत्रालय इस संबंध में जल्द ही संशोधित आदेश जारी करेगा।”

राजस्थान के 8 जिले ‘प्रधानमंत्री किसान धन धान्य योजना’ में शामिल

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मुलाकात के दौरान राजस्थान सरकार के कार्यों की प्रशंसा की और प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की।

  • उत्पादकता वृद्धि पर फोकस: चौहान ने बताया कि राजस्थान के जिन 8 जिलों में उत्पादकता कम थी, उन जिलों को अब प्रधानमंत्री किसान धन धान्य योजना के तहत शामिल किया गया है।
  • 36 योजनाओं का लाभ: इन 8 जिलों में अब 11 विभागों की कुल 36 योजनाओं को लागू किया जाएगा, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने सीएम शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि वह प्रदेश की जनता और किसानों के कल्याण के लिए बेहतर काम कर रहे हैं।

तार-बाड़ योजना का दायरा बढ़ा

चौहान ने यह भी बताया कि सीएम भजनलाल शर्मा के अनुरोध पर तार-बाड़ (बाड़बंदी) योजना का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। पहले यह योजना केवल एक फसल के लिए लागू होती थी, लेकिन अब इसे अन्य फसलों के लिए भी लागू किया जा रहा है।

कांग्रेस ने किया था ‘खंजर घोंपने’ वाला विरोध

गौरतलब है कि मनरेगा से टांके बनाने पर रोक लगाने के फैसले का कांग्रेस ने पुरजोर विरोध किया था। बायतु विधायक और मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने इस आदेश को “रेगिस्तान के लोगों की पीठ में खंजर घोंपने” वाला करार दिया था। उन्होंने इसे “थार को बर्बाद करने का मोदी मॉडल” बताते हुए कहा था कि थार के टांके दुनिया के इज़राइल मॉडल से भी बेहतरीन हैं और यह विरोध उनके जीवन आधार की लड़ाई है।

अब मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की मुलाकात के बाद यह रोक हटने जा रही है, जिससे मरुस्थलीय क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

Vijay Kumar Parashar

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