एलपीजी गैस संकट पर गहलोत का हमला, बोले—सरकार के दावे जमीनी हकीकत से दूर
जयपुर। राजस्थान में एलपीजी गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “गैस की कोई कमी नहीं” का दावा वास्तविक स्थिति से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गृहणियां और व्यापारी गैस सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं।
गहलोत ने आरोप लगाया कि एलपीजी संकट का असर अब उद्योग-धंधों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। उनके अनुसार, राज्य के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हैं और कई बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण छोटे हलवाई, ढाबा संचालक और अन्य कारोबारी वर्ग को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित होने से मजदूरों की आजीविका पर भी संकट गहराता जा रहा है। गहलोत ने सरकार के निवेश संबंधी दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ‘इन्वेस्ट राजस्थान’ जैसे बड़े आयोजनों की बात तो की जाती है, लेकिन मौजूदा उद्योगों को जरूरी ईंधन तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हालात इतने गंभीर हैं कि कुछ सरकारी कार्यक्रमों में भी भोजन लकड़ी के चूल्हों पर बनाना पड़ रहा है, क्योंकि गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने इसे सरकार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताते हुए कहा कि जब सरकारी स्तर पर यह स्थिति है, तो आम जनता की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गहलोत ने सरकार से मांग की कि वह केवल बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि गैस आपूर्ति को सुचारु बनाए और कालाबाजारी पर सख्त नियंत्रण करे, ताकि आम लोगों और व्यवसायों को राहत मिल सके।