गाँव ने कर दिखाया — पड़ांगा पंचायत बनी आत्मनिर्भर कावड़िया की मेहनत लाई रंग , राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
पड़ांगा पंचायत की सफलता को सबसे पहले प्रमुखता से उजागर करने का कार्य ‘आवाज़ राजस्थान की’ ने किया था।
अजमेर के एक छोटे-से गाँव ने सिद्ध कर दिया कि संकल्प हो तो संसाधन रास्ता खुद खोज लेते हैं। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स 2023-24 में 83.80 अंक और ‘ए’ ग्रेड — यह सिर्फ एक अंक नहीं, एक पूरे गाँव की मेहनत की कहानी है।
अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले की ग्राम पंचायत पड़ांगा ने ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) 2023-24 में पंचायत को ‘आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाली पंचायत’ श्रेणी में 83.80 अंक प्राप्त हुए हैं। इस प्रदर्शन के आधार पर पंचायत को ‘ए’ ग्रेड प्रदान किया गया है।
इस उपलब्धि के लिए ग्राम पंचायत पड़ांगा के सरपंच बालचंद जैन, समाजसेवी सुनील कावड़िया एवं पंचायत सचिव को अगले माह राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसे अजमेर जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

ग्राम पंचायत पड़ांगा ने पिछले कुछ वर्षों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, जनसहभागिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ग्रामीण विकास का एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया है। पंचायत ने सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए निरंतर विकास कार्य करवाए हैं।
सड़क और आधारभूत सुविधाओं से बदली तस्वीर
पंचायत क्षेत्र की अधिकांश बस्तियों को सर्व मौसमीय सड़कों से जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार तक पहुंचने में सुविधा मिली है। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि एवं पशुपालन जैसी ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों को भी मजबूती मिली है।
शिक्षा और बाल विकास पर विशेष फोकस
विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया। बालक एवं बालिकाओं के लिए पृथक शौचालयों की व्यवस्था कर सुरक्षित और स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण तैयार किया गया। इसके साथ ही विद्यालय परिसरों में पौधारोपण, साफ-सफाई और जनसहभागिता आधारित विकास गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया।
स्वच्छता, जल संरक्षण और हरित विकास
स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, मनरेगा और वित्त आयोग योजनाओं के तहत पंचायत में नियमित सफाई व्यवस्था, ठोस एवं तरल कचरा निस्तारण और जनजागरूकता अभियान संचालित किए गए। पंचायत ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए चरागाह भूमि एवं सार्वजनिक मार्गों के किनारे व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया।

चुनौतियों का समाधान जनभागीदारी से
ग्राम पंचायत ने आम रास्तों पर अतिक्रमण, सीमित वित्तीय संसाधन और स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता की कमी जैसी चुनौतियों का समाधान ग्राम सभाओं, चौपालों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से किया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों ने विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चार करोड़ रुपये के विकास कार्य
वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच पंचायत में विभिन्न राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत लगभग चार करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए। इनमें राज्य वित्त आयोग, 15वें वित्त आयोग, महात्मा गांधी नरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधायक कोष और जिला परिषद योजनाओं के माध्यम से अनेक निर्माण एवं जनहित कार्य शामिल रहे।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत 480 लाभार्थियों को व्यक्तिगत शौचालयों का लाभ दिया गया, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 27 परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध करवाए गए।
अब डिजिटल और आत्मनिर्भर पंचायत की दिशा में आगे बढ़ता पड़ांगा
पंचायत का फोकस केवल आधारभूत सुविधाओं के निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके सतत संचालन और रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया। भविष्य की योजनाओं में डिजिटल अधोसंरचना, स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण और सार्वजनिक सेवाओं के और अधिक विस्तार पर कार्य किया जाएगा।
ग्राम पंचायत पड़ांगा की यह उपलब्धि ग्रामीण विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करने वाली प्रेरणादायक मिसाल के रूप में देखी जा रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद योजनाबद्ध विकास और जनसहभागिता के जरिए पंचायत ने यह संदेश दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और पारदर्शी कार्यप्रणाली से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदली जा सकती है।