मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रिफॉर्म संबंधी बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित-जनहितकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के दिये निर्देश
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रिफॉर्म संबंधी बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित-
जनहितकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के दिये निर्देश
जयपुर, 15 अप्रैल। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बजट घोषणाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता से लागू करने के लिए कहा। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 की रिफॉर्म संबंधी बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बुधवार को शासन सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
श्री श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश के विशिष्ट कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए ‘मिशन राज गिफ्ट’ को शीघ्र शुरू किया जाए। साथ ही जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि क्षेत्र में कार्बन क्रेडिट पायलट प्रोजेक्ट को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नागरिक सेवाओं में सुधार के तहत “नेक्स्ट जेनरेशन सिटिजन सर्विस रिफॉर्म” की घोषणा की गई है। उन्होंने इसके अन्तर्गत नागरिकों से दस्तावेज केवल एक बार लेने तथा विभागों के बीच डेटा साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनाधार डेटाबेस और स्मार्ट सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवाओं की सुलभ एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने, ई-मित्र सेवाओं के अतिरिक्त 100 प्रमुख सेवाएं व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म पर शुरू करने संबंधी कार्यों एवं डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी पॉलिसी तथा राज सेतु फंड के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर नियंत्रण को सकारात्मक कदम बताया गया। इसी दिशा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की दिशा में कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो 2.0 और राजस्थान जन विश्वास अधिनियम 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन व जनकल्याणकारी योजनाओं की बेहतर संरचना एवं साक्ष्य आधारित नीति निर्माण के लिए “सीएम प्रमाण” पहल को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सेंट्रलाइज्ड क्वालिटी कंट्रोल लैब, भूमि बैंक के सुदृढ़ीकरण, जिला स्तर पर ग्रामीण महिला बीपीओ की स्थापना, शिक्षा क्षेत्र में “राज पहल” कार्यक्रम के प्रभावी संचालन तथा मुख्यमंत्री जन आवास योजना के अंतर्गत नवीन प्रोग्रेसिव पॉलिसी के क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
बैठक में राजकीय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में छात्रों एवं बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए राज्य सरकार की बजट घोषणाओं की गतिविधियों को तय समयसीमा में धरातल पर लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, उद्योग, स्कूल शिक्षा एवं नगरीय विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रमुख शासन सचिव स्तर पर वित्त, कृषि, विधि एवं विधिक कार्य तथा राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त शासन सचिव स्तर के कार्मिक, आयोजना, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
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