नगर पालिका के पट्टो पर फर्जी खेल उप पंजीयक के डिजिटल फर्जी हस्ताक्षर, मुहर से जारी हुए ‘ शुद्धि पत्र ‘
शाहपुरा में खुल सकता है बड़ा रजिस्ट्री घोटाला: डिजिटल नंबरों ने खोला राज, जाँच के घेरे में नगर पालिका के पट्टे।
शाहपुरा उप-पंजीयक कार्यालय के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़े का खेल।
उप-पंजीयक के कूटरचित हस्ताक्षर से मची खलबली,
नगर पालिका और रजिस्ट्री ऑफिस में हड़कंप।
तहसीलदार ने शाहपुरा में फर्जी पट्टों और ‘शुद्धि पत्र’ का किया बड़ा भंडाफोड़।
शाहपुरा 17 अप्रैल2026। उप पंजीयक कार्यालय, शाहपुरा के नाम से जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपए की भूमि के अवैध पट्टा जारी होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शाहपुरा के उप पंजीयक (तहसीलदार) भीवराज सिंह ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस थाना शाहपुरा और नगर पालिका प्रशासन को पत्र लिखकर मामले की गहन जांच, पड़ताल कर रिपोर्ट देने के साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर आपराधिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
फर्जी रबर स्टाम्प और कूटरचित हस्ताक्षरों का सहारा: तसीलदार सिंह ने बताया मामले का खुलासा तब हुआ जब कार्यालय के संज्ञान में आया कि दिनांक 13 अप्रैल 2026 को रूपा लाल धाकड़ (निवासी गंधेर, जहाजपुर) ने दो गवाहों हेमराज गुर्जर और कालु राम धाकड़ के साथ मिलकर नगर पालिका शाहपुरा से जारी तीन भूखंडों (संख्या 52, 53 व 54) के पट्टों के आधार पर ‘शुद्धि पत्र’ रजिस्टर्ड करवा लिए।
हैरान करने वाली बात यह है कि इन दस्तावेजों पर अंकित पंजीकरण संख्या (202601094503084, 202601094503088 एवं 202605084008021) उप पंजीयक कार्यालय, शाहपुरा द्वारा कभी जारी ही नहीं हुए। तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि दस्तावेजों पर लगी रबर स्टाम्प फर्जी है। उप पंजीयक के हस्ताक्षर कूटरचित (जाली) हैं। पंजीकरण के समय कोई भी पक्षकार कार्यालय में उपस्थित नहीं हुआ।
पुलिस और नगर पालिका को गहन जांच के निर्देश:
उप पंजीयक सिंह ने थानाधिकारी शाहपुरा को प्रेषित पत्र में कहा है कि इन दस्तावेजों को पूरी तरह आधारहीन और धोखाधड़ी की नीयत से तैयार किया गया है। उन्होंने पुलिस से इस गिरोह के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर मुकदमा दर्ज करने को कहा है।
साथ ही नगर पालिका शाहपुरा की अधिशाषी अधिकारी (आयुक्त) को भी सूचित किया गया है कि वे इन भूखंडों से संबंधित पट्टों और फाइलों की गहन जांच करें ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नगर पालिका स्तर पर इसमें कौन-कौन संलिप्त है।
विभागो में हड़कंप: सरकारी कार्यालय के नाम से फर्जी मोहरें और हस्ताक्षर उपयोग में लाकर किए गए इस बड़े घोटाले से उप पंजीयन कार्यालय के साथ नगर पालिका कार्यालय(विभाग) में हड़कंप मच गया है। उप पंजीयन अधिकारी ने इस मामले की रिपोर्ट उप महानिरीक्षक (पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग), भीलवाड़ा को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी।
सोमवार को पुलिस में करवाएंगे रिपोर्ट: फर्जी पट्टे जारी होनकर पंजीयन होने की जानकारी सामने आई है। सोमवार को शाहपुरा थाने में रिपोर्ट देंगे। रिंकल गुप्ता, आयुक्त शाहपुरा नगर पालिका।
किसी बड़े गिरोह का हाथ होने की आशंका: डिजिटल दस्तावेज क्रमांक कार्यालय क्रमांक से मेच नहीं होने यह मामला सामने आया। फर्जी दस्तावेजों पर मेरे कूटरचित हस्ताक्षर होने से पुलिस एवं पालिका प्रशासन जांच के आदेश दिए। इस मामले में किसी भू-माफियाओं और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के हाथ होने की संभावनाएं प्रबल है। जांच में सामने आयेगा कि गिरोह का नेटवर्क शाहपुरा में ही है या आगे तक फैला है। भीवराव सिंह, उप पंजीयक अधिकारी, शाहपुरा