शाहपुरा बाजार में बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था।


आखातीज के अबूझ मुहूर्त पर शाहपुरा के बाजारों में उमड़ा जनसैलाब।
पालिका व पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था चरमराई।
तंग बाजार संकरी गलियों में जबरदस्त जाम के हालत। पैदल चलना भी हुआ दूभर।
शाहपुरा 17 अप्रैल 2026। वैशाख शुक्ल तृतीया यानी आखातीज के अबूझ सावे को लेकर इस बार शाहपुरा के बाजारों में खरीदारी का जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अत्यधिक शादियों और त्योहार की उमंग के बीच बाजार पूरी तरह ग्राहकों से अटे पड़े हैं, लेकिन इस खुशी के बीच बेकाबू यातायात व्यवस्था ने नगर पालिका प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की पोल खोल कर रख दी।
यातायात व्यवस्था चरमराई, दिनभर सड़कों पर जाम के हालत:- त्योहारी सीजन के चलते नगर की रियासतकालीन बसावट के कारण तंग बाजार व संकरी गलियों में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच पालिका व पुलिस प्रशासन द्वारा बड़े चार पहिया वाहनों (फोर व्हीलर) के प्रवेश ने आग में घी डालने का काम किया है। मुख्य बाजार में बार-बार लग रहे लंबे जाम के कारण पैदल राहगीरों का निकलना भी दूभर हो गया है।
व्यापारियों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी दिन के समय जब कोई चौपहिया वाहन बाजार में घुसता है, प्रतिष्ठानों के बाहर दो पहिया वाहन के कारण पूरा यातायात ठप्प हो जाता है। इससे न केवल ग्राहकों को परेशानी होती है, बल्कि व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
नो एंट्री ही एकमात्र समाधान: अन्य दिनों में भी इस समस्याओं से निजात पाने के लिए स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की और बताया कि नगर की पुरानी बसावट के कारण बालाजी छतरी, सदरबाजार, नया बाजार, बारहट गली, चमना बावड़ी बाजार के साथ कुण्डगेट चौहराये पर हालात नासाज रहते है। नगर के मुख्य बाजारों की चौड़ाई महज 20 फीट से भी कम होने से इन बाजारों में समय सीमा सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक तय करें। मुख्य बाजार में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही नागरिकों, व्यवसायियों ने नगर पालिका प्रशासन से बाजार के प्रवेश द्वारों पर अस्थाई पार्किंग सुनिश्चित की जाए ताकि लोग वाहन बाहर खड़े कर पैदल खरीदारी कर सकें।
वही पुलिस प्रशासन से भीड़भाड़ वाले मुख्य चौराहों, मुख्य बाजारों के प्रवेश द्वारों पर यातायात पुलिस बल तैनात किया जाए। लोगो ने तो यह तक आशंका व्यक्त की कि यदि समय रहते यातायात को लेकर कोई विशेष योजना नहीं बनाई गई, तो अबूझ मुहूर्त की यह खुशियां जाम के झाम में उलझकर रह जाएंगी। प्रशासन को शाहपुरा के मुख्य संकरे बाजारों को जल्द ही दिन में नो एंट्री जोन घोषित करना चाहिए ताकि कोई हादसा घटित नहीं हो।