कृषि अनुसंधान का लाभ अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता : भागीरथ चौधरी
कृषि अनुसंधान का लाभ अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता : भागीरथ चौधरी
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 98वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी
नई दिल्ली, 16 जुलाई 2026
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी गुरुवार को नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के 98वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं प्रगतिशील किसानों से संवाद करते हुए कृषि अनुसंधान और नवाचार को किसानों की समृद्धि का आधार बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने लगभग एक शताब्दी से वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से देश की कृषि को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रयोगशालाओं में विकसित होने वाली तकनीक और अनुसंधान का लाभ देश के अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुँचे, जिससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ, पोषण-सुरक्षित, जलवायु-अनुकूल और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बन सके।
किसानों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य : केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने बताया कि विकसित भारत के निर्माण में कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य सरकारों और देश के अन्नदाता किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच मजबूत समन्वय से भारतीय कृषि नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगी।
कार्यक्रम में शामिल हुए कई मंत्रीगण और अधिकारी : समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ललन सिंह, केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एवं डेयर सचिव डॉ. एम.एल. जाट सहित भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थानों के प्रमुख, कृषि वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा मीडिया के सदस्य उपस्थित रहे।