पीएम आवास योजना की किस्त जारी करने के नाम पर घूस: ग्राम विकास अधिकारी ₹3,500 लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
पीएम आवास योजना की किस्त जारी करने के नाम पर घूस: ग्राम विकास अधिकारी ₹3,500 लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
जोधपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की अंतिम किस्त जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले एक ग्राम विकास अधिकारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की इस कार्रवाई से ग्रामीण विकास विभाग में हड़कंप मच गया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि जोधपुर ग्रामीण इकाई ने ग्राम पंचायत ठाडिया (पंचायत समिति चामू) के ग्राम विकास अधिकारी रामनरेश मीणा को ₹3,500 की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया है।
अंतिम किस्त जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत
परिवादी ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद तीसरी एवं अंतिम किस्त जारी करने के लिए मकान का निरीक्षण कर फोटो अपलोड करनी थी। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी रामनरेश मीणा इस प्रक्रिया को पूरा करने और अंतिम किस्त जारी कराने के एवज में ₹3,500 की रिश्वत मांग रहा था तथा लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था।
सत्यापन के बाद बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ब्यूरो ने ट्रैप की योजना बनाई। जैसे ही परिवादी ने आरोपी को ₹3,500 की रिश्वत दी, पहले से तैनात एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस सोनी के निर्देशन में तथा एसीबी जोधपुर ग्रामीण के उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में की गई। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
एसीबी की इस कार्रवाई को प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट माना जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं में रिश्वतखोरी करने वाले अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है।